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आशाओं ने किया सर्वे कार्य का बहिष्कार

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आशाओं ने किया सर्वे कार्य का बहिष्कार
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धामपुर। आशा बहू कल्याण समिति की कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को पीएचसी में सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगा सर्वे कार्यक्रम का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से कोरोना महामारी में उन्हें निगरानी समिति में शामिल कर बीमार लोगों का डोर टू डोर सर्वे तो कराया जा रहा है, लेकिन उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। हाल ही में नजीबाबाद में आशा कार्यकर्ता की कोरोना से मौत हो गई। लेकिन विभाग और सरकार ने अभी मृतका के आश्रितों की सुरक्षा में कोई प्रयास नहीं किया।
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आशाओं ने पीएचसी प्रभारी डॉ. मनीषराज शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना काल में उनसे जोखिम भरा कार्य कराया जा रहा है। सरकार को उनकी जान की कोई परवाह नहीं है। वह दो माह से कोरोना कार्य कर रही हैं। नजीबाबाद में उनकी आशा साथी की मौत हो चुकी है। लेकिन विभाग के अधिकारी उसके परिजनों के भविष्य के लिए कुछ नहीं कर रहे है। जोखिम पूर्ण क्षेत्र में प्रशासनिक और विभाग के अधिकारी भी उनका साथ छोड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से उन्हें पूर्ण कालिक कर्मी घोषित करने, स्थायी कर्मियों के समान वेतन देने, कोरोना संक्रमण में मौत होने पर 50 लाख रुपये देने की मांग की। चेताया कि जब उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाएगा तो कार्यक्रम बहिष्कार जारी रहेगा। वहीं, कार्य बहिष्कार के कारण बृहस्पतिवार को सर्वे कार्य नहीं हुआ। इस दौरान बीना रानी, अलका, गीता, मालवती, वीरवती, सुषमा, कोमल, सुमेश, सीमा, लक्ष्मी, मनीषा आदि मौजूद रहीं।
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