नगीना। गांव हमजापुर कठैर में करीब पांच वर्ष की आयु का गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। पिछले माह 27 अप्रैल को भी इसी गांव में एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ था। पिछले दिनों क्षेत्र के ग्रामीणों ने गांव के भीतर दो गुलदारों के आने की सूचना वन विभाग को दी थी। वन रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने गांव में किसान प्रमोद के खेत में पिंजरा लगा दिया था। पिछले माह एक गुलदार कैद हो गया था। उन्होंने बताया कि गांव में दूसरे गुलदार की मौजूदगी होने की बात सामने आने के बाद पुनः उसी स्थान पर पिंजरा लगावा दिया था। बृहस्पतिवार की रात्रि एक बार फिर पिंजरे में एक और गुलदार कैद हो गया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को अपने साथ कृषि अनुसंधान केंद्र ले आई। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद गुलदार को चिड़ियाघर छोड़ा जाएगा।
कुत्ते और गीदड़ को गुलदार ने बनाया निवाला
बरूकी। ग्राम शादीपुर निवासी कमल कुमार के बरूकी नहर के पास स्थित खेत में गुलदार ने एक कुत्ते और गीदड़ को निवाला बना लिया। शुक्रवार को कमल कुमार जब अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत पर पहुंचे तो कुत्ते और गीदड़ के अधखाए शव आम के पेड़ पर लटके हुए थे। पेड़ के नीचे गुलदार के पैरों के निशान मौजूद मिले। बारिश के बाद खेतों में हो रहे कीचड़ में गुलदार के पैरों के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। उधर, गांव के निवासी राजाराम प्रजापति की घोड़ा-बुग्गी के सामने शुक्रवार सुबह करीब छह बजे एक गुलदार आ गया। घोड़ा-बुग्गी से सब्जी लेने किरतपुर जा रहे थे। ग्राम पीपलसाना के रास्ते पर उनके सामने गुलदार आने से वह खौफजदा हो गए। गुलदार के चले जाने के बाद वह किरतपुर के लिए गए। ग्रामीणों ने गुलदारों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की मांग की है।