नगीना। अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ को लेकर बार-बार की जा रही घोषणाओं से नगीना के विश्व विख्यात हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति में अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने टैरिफ को वहां के सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार देते हुए निरस्त किया। अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा अब वैश्विक टैरिफ 15 प्रतिशत थोपने से एक बार फिर हैंडीक्राफ्ट निर्यात उद्योग की गति प्रभावित हो सकती है। उद्यमियों का कहना है कि टैरिफ की मार के चलते अमेरिका में होने वाले निर्यात उद्योग की गति लगातार डगमगा रही है।
पिछले दिनों भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में खटास आया तो उसने पहले भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर मनमाना 50 फीसदी टैरिफ थोप दिया था। धीरे-धीरे संबंधों में कड़वाहट कम हुई, तो फिर पहले 25 प्रतिशत तथा बाद में 18 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया गया था। अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने अमेरिका राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ को निरस्त किए जाने का निर्णय सुनाया, तो स्थानीय निर्यातकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिका राष्ट्रपति ने एक बार फिर देश में आयात होने वाली वस्तुओं पर 15 प्रतिशत लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने की एक बार पुनः की गई घोषणा से नगीना का काष्ठकला उद्योग की गति एक बार फिर प्रभावित हो सकती है।