धामपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाएं समूह के कार्यों को करने के साथ इन दिनों परिवार के सदस्यों के साथ गेहूं फसल की कटाई में लगी हुई है। महिलाओं का कहना है कि वह अपने समूह में भी काम कर रही हैं। साल भर के हिसाब से बच्चों का पेट पार्जन के लिए खेती-बाड़ी में भी पूरा सहयोग कर रही हैं।
धामपुर ब्लॉक क्षेत्र में करीब 1600 से अधिक स्वयं सहायता समूह में 17 हजार से अधिक महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पकी खड़ी है।ऐसे में अधिकांश समूहों में शामिल महिला समूहों में उत्कृष्ट कार्य करने के साथ गेेहूं कटाई में भी पूरा योगदान दे रही हैं। स्वयं सहायता समूह में शामिल महिला कविता, लक्ष्मी, अनीता, सुनीता, गौरव, महिंद्रा, श्वेता शर्मा आदि ने बताया कि उनका संगठन अन्य संगठनों की तुलना में अच्छे ढंग से चल रहा है। वह विभिन्न रोजगार कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। वह मजदूर श्रेणी की महिलाएं हैं। काम नहीं करेंगी तो रोटी के लाले पड़ जाएंगे। इसलिए उन्हें पेट पार्जन के लिए अनाज की भी आवश्यकता होती है। वह अपने परिवार के साथ समूह के कार्य के साथ-साथ गेहूं की कटाई में भी कर रही हैं। बीएमएम शानुमति ने मिशन की महिलाओं के कार्यों की सराहना की। बताया कि मिशन की महिलाएं रोजगार करने में किसी से पीछे नहीं है। उन्हें काम चाहिए। वह कार्य को प्राथमिकता देती हैं।