- बोर्ड परीक्षा केंद्रों के इलेक्ट्रॉनिक सूचना संयंत्रों को रेडी टू स्टार्ट पर रखने के दिए निर्देश
- परीक्षा केंद्र बनने के लिए राउटर लगा होना जरूरी, अगले माह में शुरू होंगी यूपी बोर्ड परीक्षाएं
बिजनौर। शासन यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कराने को लेकर सख्त है। सभी परीक्षा केंद्रों को राउटर द्वारा लखनऊ तथा जिला मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम से किसी भी जिले के किसी भी केंद्र के किसी भी कक्ष की परीक्षा को देखा जा सकता है। इसके लिए शासन की ओर से जिला प्रशासन को नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के इलेक्ट्रॉनिक सूचना संयंत्रों को अभी से ही रेडी टू स्टार्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं। सख्त हिदायत दी गई है कि राउटर न लगाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने टीम बनाकर जांच कराने को कहा है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा अगले माह शुरू होंगी। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए 22 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। नकलविहीन परीक्षाएं कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसके लिए इस बार परीक्षा केंद्रों को इलेक्ट्रॉनिक सूचना संयंत्रों से लैस किया गया है। परीक्षा केंद्रों के कक्षों की अगली व पिछली दीवारों पर वॉयस रिकार्डिंग सीसीटीवी कैमरे, हाई स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था करना तथा राउटर लगाना अनिवार्य किया गया है। जिला प्रशासन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिये गए हैं कि जिन केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक सूचना तंत्र अपडेट न हों, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाए। सभी संयंत्र अभी से ही रेडी टू स्टार्ट मोड पर रहने चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक टीम भेजकर जांच करा लें। इसे लेकर विद्यालयों की कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। इलेक्ट्रॉनिक संयंत्रों की कमियों को दूर करके उनका परीक्षण कराया जाए। केंद्रों पर राउटर लगा होना जरूरी है। इसमें कोताही न बरती जाए।
डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए हैं कि शासन के आदेशों के अनुपालन में केंद्र व्यवस्थापक केंद्र के आसपास निवास करने वाले रिटायर्ड शिक्षकों का पूल बना लें। आसपास के जिन महाविद्यालयों में बीएड तथा डीएलएड की कक्षाएं संचालित हैं। केंद्र व्यवस्थापक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों की सूची बना लें। केंद्र व्यवस्थापकों से सूची डीआईओएस कार्यालय भेजने को कहा गया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि केंद्रों को हिदायत दे दी गई हैं। अब टीम भेजकर जांच कराएंगे।
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परीक्षा केंद्र पर नहीं होगा वीआईपी कक्ष
शासन ने सख्त हिदायत दी कि परीक्षा केंद्र का कोई भी वीआईपी कक्ष नहीं होगा। जिन विद्यालयों में वीआईपी कक्ष बने हैं और उनमें बैठकों का आयोजन होता है। डीआईओएस राजेश कुमार के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के दौरान विद्यालयों में किसी भी प्रकार की कोई बैठक नहीं होगी। प्रबंध समिति की कोई बैठक नहीं हो सकेगी। केंद्र व्यवस्थापकों/प्रधानाचार्यों को व्यवस्था करने को कहा गया है।
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राउटर द्वारा राज्य मुख्यालय से होगी केंद्रों की निगरानी
राउटर एक छोटा सा इलेक्ट्रोनिक सॉफ्टवेयर है। राउटर द्वारा परीक्षा केंद्रों के कक्षों तथा परिसर की निगरानी हो सकेगी। शासन का लक्ष्य बोर्ड परीक्षा को 100 फीसदी नकल विहीन बनाना है। जिले में पिछले साल बोर्ड परीक्षा में मात्र सात नकलची पकड़े गए थे।