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शुभ मुहूर्त में मनेगी अक्षय तृतीया

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शुभ मुहूर्त में मनेगी अक्षय तृतीया
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बिजनौर। इस साल अक्षय तृतीया यानी परशुराम जयंती 14 मई को मनाई जाएगी। इस बार अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त सुबह 05:38 बजे से 15 मई की सुबह 07:59 बजे तक रहेगा। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार अक्षय तृतीया पर शादी-विवाह आदि कार्यक्रम कम ही होंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार मृगशिरा नक्षत्र और सुकर्मा योग तथा वृषभ राशि का संयोग होने से अक्षय तृतीया विशेष फलदायी होगी।
हर साल बैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाय जाता है। सामान्य दिनों में जगह-जगह हवन यज्ञ एवं भंडारों का आयोजन होता है, लेकिन इस बार सादगीपूर्ण ही जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस वर्ष अक्षय तृतीया 14 मई को पड़ेगी। कोरोना संक्रमण के चलते शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्य कम ही होंगे।
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डबराल ज्योतिष सदन के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल के अनुसार इस बार मृगशिरा नक्षत्र और सुकर्मा योग तथा वृषभ राशि का संयोग होने से अक्षय तृतीया विशेष फलदायी है। दांपत्य सूत्र में बंधने वाले जोड़ों के लिए यह तिथि विशेष फलदायी होती है।
पंडित आदेश कुमार शर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर ग्रहों का ऐसा संयोग बना है, जो इस दिन को और भी शुभ व प्रभावशाली बना रहा है। सूर्य इस दिन मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य के राशि परिवर्तन से इस दिन वृष राशि में सूर्य बुध के संयोग से बुधादित्य योग बनेगा। इस दिन शुक्र स्वराशि वृष में रहेंगे और चंद्रमा उच्च राशि होंगे।
पंडित गणेश चंद ध्यानी का कहना है कि अक्षय तृतीया पर चंद्रमा का शुक्र के साथ शुक्रवार को वृष राशि में गोचर करना, धन, समृद्धि और निवेश के लिए बहुत ही शुभफलदायी है। अक्षय तृतीया पर चंद्रमा संध्या काल में मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में इस समय मंगल का संचार हो रहा है। ऐसे में चंद्रमा के मिथुन राशि में आने से यहां धन योग का निर्माण होगा।
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पंडित धर्मेश भारद्वाज बताते हैं कि इस बार 14 मई को सुबह 05:38 बजे से 15 मई सुबह 07:59 बजे तक तृतीया का मान होगा। अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त सुबह 5:38 से लेकर दोपहर 12:05 बजे तक है। यह तिथि अबूझ नक्षत्र कहलाती है, इसलिए इस दिन बिना सुझाए विवाह संस्कार भी किए जा सकते हैं, जो विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों के लिए लाभदायक माने जाते हैं।
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