अक्षय तृतीया पर नहीं खुलेंगी सराफा की दुकानें
चांदपुर। अक्षय तृतीया पर लगातार दूसरे साल भी कोरोना का ग्रहण लगा रहेगा। पिछले साल की तरह इस साल भी महामारी कोरोना के चलते अक्षय तृतीया पर सराफा की दुकानें बंद रहेंगी। पिछले साल अक्षय तृतीया पर कोरोना के चलते लॉकडाउन था। अबकी बार भी 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है।
अक्षय तृतीया 14 मई शुक्रवार को है। इस दिन सराफा, मकान, दुकान जमीन आदि की खरीद का अच्छा कारोबार होता है। धन तेरस की तरह अक्षय तृतीया पर भी लोग सोने चांदी की खरीदारी करते हैं। अक्षय तृतीया पर वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन भी काफी रहता है। लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी अक्षय तृतीया पर कोरोना महामारी का ग्रहण लगा हुआ है।
सराफा व्यापारी विष्णु गोपाल अग्रवाल दीपू ने बताया कि अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। कोरोना के चलते बाजार बंद हैं। लेकिन जो लोग इसको मानते हैं वे इस तिथि को अपने जान पहचान वाले सराफ को फोन पर सोने की बुकिंग करा देते हैं। कुछ भुगतान ऑनलाइन भी कर देते हैं। बाजार खुलने पर डिलीवरी हो जाती है। सराफा व्यापारी अरविंद्र कुमार का कहना है कि बाजार पूरी तरह से चौपट है। कोरोना महामारी के चलते लोग परेशान हैं। सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि बाजार बंद होने के कारण कोई ग्राहक अक्षय तृतीया पर कुछ खरीदना चाहेगा तो भी नहीं खरीद पाएगा।
शुभ कार्य का फल कभी नष्ट नहीं होता
पंडित रविंद्र कुमार संघर्षी का अक्षय तृतीय के बारे में कहना है कि अक्षय तृतीय पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल कभी नष्ट नहीं होता है। अक्षय तृतीया पर ही भगवान ब्रह्माजी ने सृष्टि निर्माण का शुभारंभ किया था। अक्षय तृतीय पर ही गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी तिथि पर भगवान परशुराम का प्रकट दिवस है। इस तिथि को किया गया पुण्य कार्य अक्षय होता है। मान्यता है कि इस पवित्र तिथि पर यदि कोई व्यापारिक, धार्मिक, मांगलिक कार्य किया जाए तो उसका सहस्त्र गुना फल प्राप्त होता है। इस तिथि को लोग सोना चांदी, वाहन, भूमि आदि इसी भाव से खरीदते हैं ताकि उनके इस शुभ कार्य का फल लाभदायक हो। इस तिथि को किसी भी तरह का दान अक्षय फल प्रदान करता है।