फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘जागरूकता से ही होगा एड्स से बचाव’

Sun, 02 Dec 2018 12:17 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
विज्ञापन
एड्स जागरूकता रैली निकालती आरबीडी कॉलेज की छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिजनौर में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी बीएस रावत ने कहा कि एड्स एक ऐसा बीमारी है जिसका अभी तक इलाज नहीं मिल पाया है। दवा के जरिये मरीज के जीवन को बढ़ाया जरूर जा सकता है। उन्होंने कहा कि एड्स रोगियों के साथ सामान्य व्यक्तियों जैसा ही व्यवहार करें। ये छुआछूत का रोग नहीं है।  
विज्ञापन

शनिवार को वर्धमान कॉलेज में विश्व एड्स दिवस पर आयोजित गोष्ठी में नोडल अधिकारी ने कहा कि लोगों में एचआईवी के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए। सावधानी और बचाव ही इसका बेहतर उपाय है। यह बीमारी हाथ मिलाने, गले लगने या एक दूसरे के साथ रहने से नहीं फैलती। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एचआईवी की जांच एवं इलाज सरकार द्वारा बिल्कुल मुफ्त किया जाता है। यह सुविधा जिला अस्पताल के अतिरिक्त ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में भी उपलब्ध है। कॉलेज में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर खेलकूद, भाषण प्रतियोगिता कराई गई। साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने कहा कि एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो केवल मानव शरीर में ही पाया जाता है तथा मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को धीरे धीरे कम कर देता है या फिर नष्ट भी कर देता है। उन्होंने कहा कि एड्स की आखिरी अवस्था है जब शरीर रोगों से लड़ने की अपनी ताकत खो बैठता है। साथ ही यह वह अवस्था है जिसमें मनुष्य में एचआईवी के साथ साथ एक अधिक बीमारियों के लक्षण दिखने लगते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बृजभूषण ने बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध स्थापित करने से, एचआईवी संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाने से, संक्रमित सुइयों आदि के साझा प्रयोग से तथा संक्रमित मां से उसके होने वाले बच्चे को एचआईवी रोग फैलता है। इस अवसर प्राचार्य सीएम जैन, एसीएमओ पीआर नायर, एचआईवी कोआर्डिनेटर मो. दानिश, जिला कार्यक्रम समन्वयक नितिन श्रीवास्तव, रशाद खान, नकुल कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।

नजीबाबाद में  जनसेवा समिति द्वारा आयोजित एड्स संगोष्ठी में बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व एड्स दिवस पर जनसेवा समिति की ओर से कान्हा कर्णवाल हॉस्पिटल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। समिति की अध्यक्ष डॉ. पूनम कर्णवाल ने अस्पताल में आए रोगियों और क्षेत्रवासियों को एचआईवी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। संगोष्ठी में खुर्शीद, फजील अहमद, दिलशाद, इनाम अादि रहे। 
विज्ञापन


अफजलगढ़ में एसवीएस डिग्री कालेज मौहमदपुर राजोरी में विश्व एड्स दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों ने गांव में रैली निकालकर ग्रामीणों को एड्स के प्रति जागरूक किया। रैली में स्कूली बच्चों ने हाथों में स्लोगन, नारे लगाकर ग्रामीणों को एड्स जैसी भयानक बीमारी के प्रति जागरूक करते चल रहे थे। स्लोगन लिखे नारों में सतर्क रहो सुरक्षित रहो, आपकी सुरक्षा परिवार की सुरक्षा, जो सुरक्षा से नाता तोड़ेगा, वह अपना जीवन छोड़ेगा जैसे नारे लिखे थे। मुख्य अतिथि डॉ. नरदेव सिंह ने एड्स के बारे में ग्रामीण और बच्चों को समझाया। प्राचार्य डॉ. रामवीर सिंह, डॉ.अवनीश, आदित्यवीर सिंह, कोमल सिंह, विकास, मुकेश, भावना चौहान, कविता, रानी आदि रहीं।  

एचआईवी की दी जानकारी
बिजनौर में नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में एड्स दिवस पर आयोजित गोष्ठी में लोगों को एचआईवी और एड्स से बचाव के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। युवा मंडल अध्यक्ष रिंकी रानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्य अतिथि कविता देवी ने कहा कि अधिकांश एड्स रोग असुरक्षित यौन संबंध बनाने से होता है। युवा मंडल अध्यक्ष रिंकी ने बताया कि एड्स का आज तक कोई स्थायी इलाज नहीं बन पाया है। इसलिए अधिक बुखार होना, लगातार सिर में दर्द बने रहना आदि इस रोग के लक्षण हो सकते हैं। कार्यक्रम में प्रीति रानी, रिंकी रानी, अर्चना देवी, पवन, सरिता अादि रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें