बिजनौर के नजीबाबाद में जिला सहकारी बैंक चीनी मिल शाखा कैश लैस होने से किसान सहकारी चीनी मिल के सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन अधर में लटक गया। चीनी मिल प्रशासन ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
किसान सहकारी चीनी मिल में कार्यरत 800 से अधिक कर्मचारियों का वेतन चीनी मिल प्रशासन द्वारा मिल परिसर में संचालित जिला सहकारी बैंक शाखा को भेज दिया गया। इस संबंध में सूचना मिलते ही नोटबंदी के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रहे कई कर्मचारी रोजमर्रा के खर्च के लिए बैंक पर धनराशि लेने पहुंचे। बैंक कर्मचारियों ने उन्हें वेतन का भुगतान करने में असमर्थता जता दी। बैंककर्मियों का कहना था कि बैंक में पर्याप्त धनराशि नहीं है। बैंक द्वारा अन्य बैंकों से धनराशि की डिमांड की गई है। बैंक को पैसा मिलते ही कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जाएगा।
मिल कर्मियों मुमताज अली, शराफत हुसैन, उमेश कुमार, नरेश मेहरा, हरीश चौहान, चौधरी सुशेंद्र ने बैंक से वेतन नहीं मिलने पर रोष जताया। चीनी मिल श्रमिक नेता शराफत हुसैन ने कहा कि मिलकर्मियों का परिवार पूर्णत: मिल से मिलने वाले वेतन पर ही निर्भर होता है। बैंक अधिकारियों को कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कैश की व्यवस्था एडवांस करनी चाहिए थी। उन्होंने मिल के प्रधान प्रबंधक से लापरवाह बैंक अधिकारियों के खिलाफ डीएम से कार्रवाई की संस्तुति करने की मांग की। उधर, मिल अधिकारियों का कहना है कि चीनी मिल द्वारा दो दिन पूर्व 80 लाख रुपये की सैलरी पेमेंट एडवाइस बैंक को भेज दी गई है। हालांकि कुछ दिन पहले बैंक को सैलरी एडवाइज भेजने से अवगत करा दिया गया था, मगर बैंक द्वारा पेमेंट की व्यवस्था न करने से कर्मचारियों को परेशानी हुई। इस संबंध में बैंक प्रबंधक से संपर्क का प्रयास किया गया, मगर उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।