अधिवक्ता की पगड़ी गिराने वालों पर कार्रवाई की मांग
बिजनौर। सिख अधिवक्ता के साथ थाने में मारपीट कर पगड़ी गिराने के मामले में नाराज सिख समाज ने पीड़ित के साथ डीएम रमाकांत पांडेय व एसपी धर्मवीर सिंह से भेंट की और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नजीबाबाद निवासी अधिवक्ता सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि 17 अक्तूबर को शाम साढ़े चार बजे महाकाली शोभा यात्रा की ज्योत स्टेशन से प्रारंभ होनी थी। वह भी इसमें सहयोगी थे। आरोप है कि आकाश कर्णवाल नहीं चाहता था कि वह शोभायात्रा में सहयोग करे। उसका पुलिस के साथ उठना बैठना है। आरोप है कि स्टेशन पर एसआई जोगेंद्र तेवतिया व सिपाही सुशील कुमार परमिंदर के पास आए और उसे एसओ संजय कुमार से बात कराने की बात कहकर ले गए। चौकी पर आकाश कर्णवाल भी था। पुलिसकर्मियों ने उससे मारपीट की और जीप में डालकर थाने ले गए। उसका गला घोंटा व मोबाइल छीन लिया। वे उसका एनकाउंटर करने की बात भी कह रहे थे।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट कर पगड़ी गिरा दी। उसका प्रतीक चिह्न सिर में लगा कंघा भी गिर गया। पुलिस ने उसका कंघा नहीं दिया और पगड़ी भी नहीं उठाने दी। इससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उसे थाने में अपराधियों के साथ रखा गया। इस मामले में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी, सतवंत सलूजा, हरजिंदर कौर, सरदार हरभजन सिंह, जसविंदर सिंह, हरदीप सिंह, अरविंदर सिंह, इकबाल सिंह आदि मौजूद रहे।