- जहानाबाद ए गांव की जमीन पर गेहूं और सरसों की फसल को किया खुर्दबुर्द
- तीन दिन तक चलेगा सरकारी जमीन से कब्जा हटाने का अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक। गंगा खादर में सरकारी जमीन पर खड़ी फसल पर प्रशासन का बुलडोजर खूब गरजा। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश करते हुए जेसीबी से फसल को खुर्दबुर्द कर दिया। तीन दिनों तक यह अभियान चलेगा।
दरअसल गंगा खादर में नांगल घाट से रावली तक हजारों बीघा जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा है। माफिया फसल बुवाई कराने के लिए लाखों रुपयों की अवैध वसूली भी करते हैं। उक्त सरकारी भूमि को लेकर भूमाफियाओं में विवाद भी होता रहता है। बुधवार को सदर तहसील की राजस्व विभाग की टीम जहानाबाद ए गांव की जमीन पर पहुंची। जमीनों की पैमाइश करते हुए सरकारी जमीन पर खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को खुर्दबुर्द किया गया।
बता दें कि खादर की सैकड़ों बीघा जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कुछ महीने पहले भी बालाबाली गंगा घाट के समीप गंगा की भूमि के बंटबारे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे। एक पक्ष का आरोप था कि दूसरे पक्ष ने ग्राम समाज की लगभग चार हजार बीघा भूमि पर कब्जा कर उसमें गन्ने की फसल बो रखी है।
जिसके चलते ग्राम पंचायत जाहनाबाद के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ भूमाफियाओं द्वारा गंगा खादर में ग्राम समाज की हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल बो रखी है। शिकायती पत्र पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 23 दिसंबर को क्षेत्र में मुनादी कर गंगा खादर के मौजा जाहनवाद, शाहपुर खादर, सिहोरा, निजामावाद रामनगर के किसानों को अवगत किया था कि ग्राम समाज की भूमि पर खड़ी किसी भी फसल को काटा नहीं जाएगा। इसके बाद भी भूमाफिया लगातार उक्त भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल को काटकर बेच रहे हैं।
अमर उजाला के बुधवार के अंक में माफियाओं द्वारा सरकारी भूमि पर खड़ी फसल को काटकर बेचने की खबर प्रकाशित हुई, जिस पर संज्ञान लेते हुए तहसील की एक टीम बुधवार की सुबह ही बालाबाली के गंगा खादर क्षेत्र में पहुंच गई, टीम ने जाहनबाद ए की पैमाइश के दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बोई गई सरसों और गेंहू की फसल को खुर्द बुर्द कर दिया। तहसील कर्मियों के अनुसार तीन दिन तक अभियान चलाकर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।