अलर्ट रहा प्रशासन, जिले में निकले पैदल मार्च
बिजनौर। जिले में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एक साल पहले हुए बवाल के मद्देनजर रविवार से तीन दिन के लिए जिले में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। दिन भर पुलिस ने जिले में पैदल मार्च निकाला। पुलिस लोगों की हर गतिविधियों पर नजर रखे रही, लेकिन जिले में पूरी तरह से शांति रही।
एक साल पहले 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एक समुदाय के लोगों ने जमकर बवाल किया था। बिजनौर, नहटौर, चांदपुर, नगीना, मंडावर समेत कई जगह बवाल के दौरान वाहनों को आग के हवाले करने के साथ खूब तोड़फोड़ की गई थी। बिजनौर में कई दुकानों को निशाना बनाया गया था। नहटौर में इस दौरान अनस व सुलेमान की गोली लगने से मौत हुई थी। 38 पुलिसकर्मियों समेत कई युवक भी घायल हुए थे। पुलिस के वाहन तक फूंक डाले थे। पूरे जिले में 34 मुकदमे दर्ज हुए थे व 755 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
नगर पालिका बिजनौर के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब समेत कई बड़े नेता इस बवाल में नामजद किए गए थे। जावेद आफताब जेल तक जाना पड़ा। उन पर बिजनौर में बवाल कराने का आरोप था। अकेले शहर कोतवाली में 11 मुकदमे दर्ज हुए थे। सभी आरोपी जमानत पर हैं। पुलिस ने तमाम बवालियों को संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस भी दिए थे। उनके घरों पर ये नोटिस चस्पा हुए थे। बवाली कोर्ट की शरण में पहुंच गए। इसलिए उनकी संपत्ति कुर्क नहीं हो पाई थी।
एक साल पहले के इस मंजर को याद करके लोग आज भी सिहर जाते हैं। जिले में इसके मद्देनजर रविवार से तीन दिन के लिए अलर्ट कर दिया गया है। जिले भर में रविवार को पुलिस ने पैदल मार्च निकाला। बिजनौर में पुलिस कार्यालय से एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्र के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया। जो पूरे शहर में निकला। इसके आलावा कई जगह पुलिस तैनात रही। स्योहारा पुलिस ने स्योहारा व कस्बा सहसपुर में पैदल मार्च निकाला। थानाध्यक्ष नरेंद्र गौड़ के नेतृत्व में यह मार्च निकाला गया। नहटौर समेत जिले के अन्य शहरों में भी पुलिस ने पैदल मार्च निकाला।