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स्कूलों में शिक्षकों के अनुपात के बराबर ही बच्चों के दाखिले

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गांव खैरूल्लापुर में दो बच्चे को पढ़ाता शिक्षक। - फोटो : DHAMPUR
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समायोजन बेअसर, पांच बच्चों को पढ़ा रहे दो शिक्षक
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अफजलगढ़। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन की व्यवस्था धड़ाम हो गई। स्थानांतरण के बावजूद शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं की। आलम यह है कि किसी स्कूल में शिक्षकों का अभाव है, तो ऐसे भी स्कूल हैं जहां पांच बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात हैं। व्यवस्था की इस खामी के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं है।
जनपद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन किए गए थे। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है, वहां के शिक्षकों को बच्चों की ज्यादा संख्या वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया गया था। किंतु इसी में लीपापोती हो गई। समायोजन के बावजूद शिक्षकों ने अपने मूल विद्यालयों में चार्ज नहीं संभाला। इसी वजह से शिक्षकों व बच्चों के अनुपात में भारी अंतर बना हुआ है। गांव खैरूल्लापुर के स्कूल में कुल पांच बच्चे ही पंजीकृत हैं, जिनमें से दो बच्चे ही स्कूल में मौके पर पाए गए। पांच बच्चों के पंजीकरण वाले स्कूल में एक इंचार्ज अध्यापक व एक शिक्षा मित्र की तैनाती है। जबकि गांव तैमूराबाद के प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 15 है। वहां एक मुख्य अध्यापक, एक सहायक अध्यापिका व एक शिक्षा मित्र तैनात हैं। मौके पर कुल 8 बच्चे मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय अफजलपुरहरी में पंजीकृत बच्चों की संख्या पांच है। विद्यालय में कक्षा छह में तीन व कक्षा सात में दो बच्चे हैं। जहां उनको पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। समायोजन के अंतर्गत एक अध्यापक का इस विद्यालय में स्थानांतरण हुआ था। किंतु अध्यापक ने कार्यभार नहीं संभाला। पांच बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे है। उन्हें व्यवस्था के तहत प्रांगण में ही स्थित प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध किया गया है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने असंतुलित व्यवस्था को सुधारने की कोई कवायद नहीं की।
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उच्चाधिकारियों को दे दी जानकारी: एबीएसए
एबीएसए सुनील डबराल का कहना है कि जिस अध्यापक ने समायोजन के तहत ज्वाइनिंग नहीं की है। उसका वेतन रोक दिया गया है। स्कूलों में बच्चों की कम संख्या को लेकर विद्यालयों को चिह्नित कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। मामले में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
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