यातायात नियमों के उल्लंघन से जा रही लोगों की जान
बिजनौर। यातायात नियमों का उल्लंघन करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन हो रहे सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, फिर भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैै। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग 450 लोग सड़क हादसों में मर जाते हैं, जबकि 150 से अधिक लोग अपंग हो जाते हैं।
जिले में आए दिन हो रहे सड़क हादसे लोगों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। बिना हेलमेट और सीट बेल्ट तथा नशा कर वाहनों का संचालन करना लोगों का शगल बन गया है। परिवहन विभाग और पुलिस की कोशिशों के बावजूद लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। अफसरों की मानें तो लोग जुर्माना भरने को तो तैयार हो जाते हैं, लेकिन यातायात नियमों का पालन करने में अपनी तौहीन समझते हैं। पुलिस के अनुसार जिले में हर साल सड़क हादसों में लगभग 450 लोगों की मौत हो जाती है, जबकि करीब 150 से अधिक लोग अपंग हो रहे है।
लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस की ओर से नवंबर में यातायात माह और उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा सप्ताह तथा यातायात सड़क सुरक्षा पखवाड़ों का आयोजन कर खानापूर्ति कर ली जाती है। लोगों का आरोप है कि इन विभागों की ओर से बजट को ठिकाने लगाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की खानापूर्ति की जाती है। सड़क हादसा होने पर नियम पालन करने की याद आती है। कुछ दिन बीतने के बाद ही लोग इसे भूल जाते हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सड़क पर चलने वाले हर वाहन चालक को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि किसी के डर से नहीं बल्कि स्वयं और अपने परिवार वालों की फिक्र कर यातायात नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। जिससे सड़क हादसे न हों और सभी सुरक्षित तरीके से अपने घरों तक पहुंच सकें।