बिजनौर में कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से बाघ की मृत्यु हो गई। कुछ दिन पूर्व आपसी संघर्ष में यह बाघ घायल हो गया था। राष्ट्रीय व्याघ्र प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार जलाकर किया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला के जंगलों में आपसी संघर्ष में एक बाघ घायल हो गया था। इसका उपचार रेस्क्यू सेंटर में किया जा रहा था। बाघ ने दो दिन पहले दम तोड़ दिया। उपनिदेशक दिगन्थ नायक के अनुसार अत्यधिक रक्त स्राव के कारण शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। बाघ की आयु छह से सात वर्ष थी।