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पुलिस ने एसआरएस में किया मॉक ड्रिल का प्रदर्शन

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बिजनौर में मॉक ड्रिल में अपराधी को पकड़कर ले जाती पुलिस। - फोटो : BIJNOR
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मॉक एनकाउंटर में एक बदमाश ढेर
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बिजनौर। पुलिस ने असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए एसआरएस मॉल पर मॉक ड्रिल किया। पुलिस ने एसआरएस मॉल को घेर लिया और किसी को भी नहीं जाने दिया। पुलिस ने एसआरएस के अंदर दो बदमाशों के कब्जे से आठ लोगों को छुड़ाने का अभ्यास किया गया।
अपराहन करीब तीन बजे एसपी संजीव त्यागी, एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्र व सीओ सिटी अरूण कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस कमांडो ने एसआरएस को घेर लिया। न किसी को अंदर जाने दिया और न बाहर आने दिया। एसपी ने बताया कि एक दुकान में दो बदमाशों द्वारा आठ लोगों को बंधक बनाने की सूचना मिली है। उन्होंने नागरिकों को सुरक्षित बदमाशों को पकड़ने के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने मॉल में प्रवेश किया। सीओ सिटी अरुण कुमार लोहे का सुरक्षा कवच लेकर अंदर पहुंचे। पुलिस कमांडो ने बदमाशों को ललकारा। बदमाशों की ओर से छदम रूप से कई राउंड फायरिंग की गई। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। पुलिस ने एक बदमाश को ढेर कर दिया और दूसरे को दबोच लिया। सभी बंधकों को पुलिस ने सकुशल बचा लिया। बदमाशों को पुलिस ने गाड़ी में डाल लिया। एसआरएस के चारों ओर पुलिस होने पर वहां भारी संख्या में राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस जब बदमाश बने अपने ही साथियों को स्ट्रेचर और बंधक बनाकर लेकर पहुंची तो वहां लोगों ने समझा कि पुलिस ने एक आतंकवादी पकड़ा है और एक को मार गिराया है। पूरे जिले में आतंकवादी पकड़े जाने की अफवाह फैल गई। करीब एक घंटे तक मॉक ड्रिल चली। मॉक ड्रिल के दौरान डॉग स्क्वायड, फायर ब्रिगेड व चिकित्सकों की टीम भी मौके पर रही।
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लोगों के समझ में नहीं आया माजरा
मॉक ड्रिल के दौरान मॉल के अंदर मौजूद लोग भी नहीं समझ पाए कि आखिर माजरा क्या है। वे एक दूसरे से ही पता करते रहे। उन्हें लगा कि वाकई में एसआरएस में आतंकवादी घुस आए हैं। एसआरएस के चारों ओर भी भारी भीड़ जमा हो गई। मॉक ड्रिल के करीब तीन घंटे बाद तक भी सोशल मीडिया पर आतंकवादी पकड़े जाने की अफवाह फैलती रही।
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मॉक ड्रिल के बाद भी ली गई तलाशी
मॉक ड्रिल के बाद मॉल में मौजूद लोगों को तलाशी के बाद ही जाने दिया गया। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि इस तरह की घटना के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों को बिना तलाशी के नहीं जाने देना चाहिए। भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों के साथी भी बाहर निकल सकते हैं।
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