बिजनौर। तटबंध पर चल रहे कटान को रोकने के प्रयास के साथ ही अगली बरसात से पहले तटबंध को और अधिक मजबूत बनाया जाना है। इसके लिए परियोजना बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है।
शनिवार को बरेली से पहुंची तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने सर्वे चालू किया है। टीम फिलहाल मौजूदा तटबंध का लेवल परख रही है। यह देखा जा रहा है कि तटबंध किस जगह पर होना चाहिए। कितना टेढ़ा हुआ है और कहां-कहां से कमजोर हो गया है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना तैयार की जाएगी। अगले महीने ही परियोजना को तैयार करके शासन को भेजा जाएगा।
पानी कम होते ही फिर बढ़ने लगा कटान
बिजनौर बैराज के तटबंध पर गंगा ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक कटान किया है। अब करीब एक किलोमीटर दूरी में मिट्टी डालकर वैकल्पिक तौर पर नया तटबंध तैयार किया जा चुका है। अब दो दिनों से गंगा के जलस्तर में कमी आई है, जिसके कारण रावली की ओर कटान बढ़ गया है।
12 दिनों से दिन रात चल रहा काम
आठ सितंबर को पहली बार तटबंध पर कटान देखा गया था, तभी से सिंचाई विभाग का अमला कटान रोकने में जुट गया। कई विभागों ने दिन रात मशक्कत करते हुए बाढ़ नहीं आने दी। साथ ही किसी तरह से कटान होने के बाद भी तटबंध को बचाए रखा।
कटान रोकने के साथ साथ ही तटबंध की परियोजना पर भी काम होने लगा है। तकनीकी एक्सपर्ट की टीम बरेली से पहुंची है जोकि सर्वे कर रही है। इसके बाद डिजाइन और परियोजना बनेगी। अगली बरसात से पहले तटबंध को और भी अधिक मजबूत बनाना है।
- ब्रजेश मौर्य, अधिशासी अभियंता मध्य गंगा नहर खंड पांच