बिजनौर। सरकारी योजना के तहत आर्थिक मदद दिलाने के बहाने मोबाइल पर लिंक भेजकर खाते से 1.57 लाख रुपये साइबर ठग ने निकाल लिए। साइबर अपराधी ने विश्वास में लेने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री को भी ज्वाइंट कॉल में शामिल किया था।
टांडा माईदास निवासी नरेंद्रपाल ने अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि 25 अप्रैल को उसके घर दूसरी बेटी का जन्म हुआ था। 12 जुलाई को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आंगनवाड़ी कार्यकत्री मंजू मित्तल भी फोन पर कांफ्रेंस में थी। आरोप है कि कार्यकत्री ने फोन पर मौजूद व्यक्ति को योजना से संबंधित जानकारी लेने वाला बताते हुए उससे बात करने को कहा। उस व्यक्ति ने उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा। लिंक खोलने पर उसकी पत्नी का नाम और पता दर्ज मिला। जानकारी सही होने की पुष्टि कराने के बाद आरोपी ने उससे अन्य जानकारी भी ली और उनके खाते से 1,57,870 रुपये निकाल लिए गए। फोन कटने के बाद नरेंद्रपाल ने जब पत्नी के खाते की जांच की तो उसमें सिर्फ 250 रुपये शेष मिले। सीओ नगीना राजेश सोलंकी ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की।
पहले मिल चुकी थी सरकारी मदद, अब खाली किया खाता
बताया कि उसकी पहली बेटी के जन्म के समय आंगनवाड़ी कार्यकत्री मंजू मित्तल ने उसे सरकारी योजना के तहत पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई थी। यह रकम उसकी पत्नी के खाते में आई थी। पहले सहायता दिलाए जाने के कारण नरेंद्रपाल कार्यकत्री को जानता था। आरोप है कि दूसरी बेटी के जन्म के बाद सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर इसी परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर उसे अज्ञात व्यक्ति से फोन पर बात कराई गई। इसके बाद लिंक भेजकर जानकारी ली गई और खाते से 1,57,870 रुपये निकाल लिए गए।