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जनपद में आज भी मौजूद है बाबारी ढांचे की एक ईंट

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जनपद में आज भी मौजूद है विवादित ढांचे की एक ईंट
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बिजनौर। छह दिसंबर 1992 के राम मंदिर आंदोलन में अयोध्या का विवादित ढांचा गिरा था। इस ढांचे को गिराने में शामिल रहे बहुत से कार सेवक अयोध्या से अपने साथ ढांचे की ईंट ले आए थे। इन ईंटों को देखने के लिए तब भारी भीड़ लगती थी। ले तो आए पर सबके सामने संकट था कि ईंट का क्या किया जाए। यह भी डर था कि ढांचा गिरा है तो सरकार कार्रवाई कर सकती है। इसलिए लोगों ने छिपाकर रखीं। धीरे-धीरे ये ईंट अपन मकाने के अलग-अलग हिस्सों में लगवा दीं गईं। जनपद में आज भी एक ईंट सुरक्षित है। यह ईंट चांदपुर में मुहल्ला चिम्मन में हिंदू इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता जयपाल सिंह के घर पर सुरक्षित है।
पूछने पर घटना का विवरण बताते हुए जयपाल सिंह कहते हैं कि 1992 की कार सेवा में वे भी शामिल थे। कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे। उस समय कार सेवकों के अयोध्या जाने पर कोई रोक टोक नही थी। वे चांदपुर के संघ के खंड कार्यवाह थे। चार दिसंबर को चांदपुर से चले। पांच को अयोध्या पहुुंचे। छह को ढांचा गिरा दिया गया। ढांचा गिरने पर कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। त्यागपत्र के बाद अयोध्या में लाउडस्पीकर से घोषणा कराई गई कि किसी को कुछ नहीं कहा जाएगा। सब अपने घर लौट जाएं। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन तैयार है। टिकट लेने की भी जरूरत नहीं है। वे ट्रेन पकड़कर चांदपुर आ गए। जयपाल सिंह बताते हैं कि वे चांदपुर पहुंचे। उनके बारे में अफवाह उड़ गई कि मास्टर अयोध्या से सोने की ईंट लाया है। ईंट देखने वालों की उनके घर पर भीड़ लग गई। कुछ मुस्लिम थाने पहुंचे। पुलिस से शिकायत की कि मास्टर विवादित ढांचे की सोने की ईंट लाया है। एक दरोगा और दो सिपाही उनके घर आए। लोगों को डांट कर भगा दिया। उन्होंने भी ईंट देखी और कहा कि इसे कहीं रख दो नहीं तो परेशानी हो सकती है। उसके बाद उन्होंने ईंट हटा दी। वह राम मंदिर के भूमि पूजन पर बहुत प्रसन्न है। राम मंदिर निर्माण के लिए लाखों ने अपनी जान की बाजी लगा दी। उनका इरादा है कि मंदिर बनने पर वह अयोध्या जाएंगे।
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ईंट पर बना है चांद-तारा
जयपाल सिंह जी के पास मौजूद ईंट में बीच में चांद तारा बना है। इसके दोनों साइड में अंग्रेजी में एमके लिखा है। जानकार मानते हैं कि ईंट भले ही ढांचे की हो किंतु मूल ईंट नहीं हैं। ये अंग्रेजी काल की है। ढांचे में टूट-फूट होती रही होगी। ये ईंट उस में मरम्मत में लगी होगी ।
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500 से ज्यादा कार सेवक गए होंगे
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख मंयक मयूर कहते हैं कि 90 की कार सेवा में जनपद से 2200 कार सेवक गए थे। 92 में भी जाने वाले कार सेवकों की संख्या 500 से ज्यादा रही होगी। वह बताते हैं कि 92 की कार सेवा में गए जनपद के कार सेवक 15- 16 ईंट के आसपास लाए। इसलिए अधिकतर से ईंट अपने मकान के अलग-अलग हिस्सों में लगवा दीं। एक ईंट चांदपुर में जयपाल सिंह के पास मौजूद है।
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