बिजनौर। अफ्रीकी देशों में फैले इबोला वायरस की आशंका से वेस्ट यूपी भी घबराया हुआ है। वायरस की चपेट में आए देशों से आने वाले नागरिकों की स्क्रीनिंग व जांच की जाएगी। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
इस वर्ष इबोला वायरस अफ्रीकी देशों में जमकर कहर बरसा रहा है। विदेशों से आने वाले नागरिकों से यहां भी इबोला के फैलने की आशंका है। विदेशाें से आने वाले नागरिकों की सबसे पहले एयरपोर्ट पर ही स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद जिले में आने के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम की स्क्रीनिंग करेगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उस व्यक्ति पर तीन सप्ताह तक लगातार नजर रखेगी। इसके लिए सीएमओ ने संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग की टीम गठित कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। वायरस से बचाव, नियंत्रण व रोकथाम के लिए पूरी तरह से अलर्ट है।
इबोला के लक्षण
इबोला वायरस से ग्रसित व्यक्तियों में रोग के कोई विशिष्ट लक्षण नहीं होते हैं। अफ्रीकी देशों में वायरस से पीड़ित व्यक्तियों में ज्वर के साथ अत्यधिक कमजोरी, मांस-पेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, डायरिया, शरीर में चकत्ते व रक्तश्राव होता है। साथ ही किडनी व लीवर प्रभावित होते हैं।
तीन सप्ताह का रोगी ही फैलाता है वायरस
इबोला से संक्रमित होते ही रोगी वायरस नहीं फैला सकता है। संक्रमण की चपेट में आने पर वायरस तीन सप्ताह यानि 21 दिन तक ग्रोथ करता है। इसके बाद संक्रमित व्यक्ति लक्षण प्रतीत होते हैं। लक्षण दिखाई देने पर रोगी दूसरे व्यक्ति को वायरस फैला सकता है।
जीवों में होता है इबोला का प्राकृतिक संक्र्रमण
इबोला वायरस का कोई स्थायी वास नहीं है। बंदर, गोरिल्ला, एंटी लोप्स, चिंपेजी, चमगादड़ आदि ऐसे जीव हैं, जिनमें इबोला वायरस का प्राकृतिक संक्रमण है। इसके बाद यह मनुष्यों में फैलता है।
वायरस संक्रमण प्रसार के माध्यम
इबोला रोग वायु जनित नहीं है। इबोला वायरस से संक्रमित रोगी अथवा शव को छूने, शरीर के द्रव (मल, मूत्र, पसीना, रक्त, उल्टी) के संपर्क मेें आने पर यह रोग फैलता है।
रोग मेें 90 प्रतिशत है मृत्युदर
इबोला एक घातक रोग है। इस रोग में 90 प्रतिशत तक मृत्यु हो जाती है। इस वर्ष अफ्रीका के गिनी, लाइबेरिया, सियेरा लियोन एवं नाइजीरिया के अलावा सेनेगल, यूएसए, स्पेन आदि देशों में 8399 रोगी ग्रसित हो चुके है, इनमें से 4033 की मौत भी हो चुकी है।
सीएमओ डॉ. शशि कुमार अग्निहोत्री का कहना है कि इबोला वायरस के संबंध में शासन से निर्देश मिल चुके हैं। अफ्रीकी देशों से आने वाले नागरिकों की पहले एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग होती है। जिले में पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करेगी तथा 30 दिनों तक निगरानी रखी जाएगी।