बिजनौर। एडीजे रजी अहमद ने तुलसी हत्याकांड में मृतका के पति को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
धामपुर शुगर मिल निवासी ओमप्रकाश की पुत्री तुलसी का विवाह 2004 में धामपुर के ही मोहल्ला खातियान निवासी अरुण कुमार उर्फ नीटू के साथ हुआ था। नीटू पत्नी को पीटता था व दहेज की मांग करता था। जब भी तुलसी अपने मायके आती तो नीटू फिर मारपीट न करने का भरोसा देकर उसे लिवा ले जाता। 14/15 अक्तूबर 2012 की रात को नीटू ने तुलसी पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। 19 अक्तूबर को तुलसी के पिता को घटना का पता चला। उसने पुत्र अमरीश को दिल्ली भेजा, परंतु अमरीश के पहुंचने से पहले ही सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना की रिपोर्ट ओमप्रकाश ने अरुण कुमार उर्फ नीटू के विरुद्ध दर्ज कराई थी। अदालत ने इस मामले में अरुण को पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपहरण-दुष्कर्म में तीन को दस-दस साल की सजा
बिजनौर। एडीजे विवेक संगल ने अपहरण व बलात्कार के तीन आरोपियों को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। स्योहारा थाने के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी की शादी उसके साले के बेटे थाना गजरौला के गांव गंगापुरी निवासी इंद्राज व संजय अपने दोस्त नरेंद्र निवासी गांव खेड़ा थाना गढ़ से कराना चाहते थे। नरेंद्र सिंह की आयु 40 वर्ष होने के कारण शादी से मना किए जाने पर इंद्राज द्वारा धमकी दी गई थी कि वे उसकी बेटी को उठा लेंगे। 19 मई 2005 को जब बेटी शौच को गई थी तो इंद्राज, संजय व नरेंद्र ने उसका अपहरण कर लिया। उसकी बेटी को कई स्थानों पर रखकर तीनों ने उससे बलात्कार किया व उसकी जबरन कोर्ट मैरिज नरेंद्र से करा दी। बरामदगी के बाद उसकी बेटी ने अपहरण व बलात्कार की घटना की बात बताई। अदालत ने इस मामले में इंद्राज, संजय व उनके दोस्त नरेंद्र को दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है।