बिजनौर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रमुख सचिव डॉ. हरशरणदास के निशाने पर शुक्रवार को निर्माण एजेंसियां रहीं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, पैक्सफेड और मंडी समिति के निर्माण कार्याें की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही इन तीनों एजेंसियों के कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने अपने पहले दिन के दौरे से संबंधित अमर उजाला में छपी खबरों को दिखाते हुए अफसरों को नसीहत दी।
दौरे के दूसरे दिन कलक्ट्रेट में आयोजित विकास कार्याें की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी सही तरह से काम नहीं कर रही हैं। विकास कार्याें में अनियमितता मिल रही हैं। निर्माण एजेंसियों की कार्यशैली से विकास कार्याें को लेकर सरकार की बदनामी हो रही है। शाहपुर सुक्खा में नवनिर्मित सड़क की खस्ता हालत पर नजीबाबाद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को खूब खरीखोटी सुनाई। साथ ही पीडब्ल्यूडी और मंडी समिति द्वारा बनाई जा रही सड़कों की जांच के आदेश दिए। लोहिया समग्र गांवों में विद्युतीकरण की प्रगति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर तक कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी।
बैठक में एआरटीओ कार्यालय के भवन तक सड़क नहीं होने के मामले में डीएम को कार्यालय तक सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नसीहत भी दी कि सड़क किनारे ही सरकारी कार्यालय या सरकारी बिल्डिंग बनाई जाए। इंटर कॉलेजों के जगह नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आने पर कहा कि प्रशासन को चाहिए कि गंभीरता से कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रवैये में सुधार करने की चेतावनी दी। बैठक में गत दौरे के दौरान पाई गई कमियों की जांच रिपोर्ट के बारे में डीएसटीओ अमित कुमार से जानकारी ली। स्वाहेड़ी के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग की गुणवत्ता सही नहीं होने पर पैक्सफेड के अधिकारियों को फटकार लगाई। बैठक में डीएम भूपेंद्र एस चौधरी, सीडीओ अखंड प्रताप सिंह, पीडी डीआरडीए हीरालाल यादव, डीडीओ अशोक निगम समेत सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
साहब रामपुर के ठेकेदार नहीं कर रहे सही काम
बिजनौर। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने अधिकारियों की समस्याएं भी सुनीं। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान एक विभाग के अधिकारी ने प्रमुख सचिव से कहा कि साहब हमारे विभाग में जनपद रामपुर के ठेकेदार काम कर रहे हैं। काम समय से नहीं हो रहा है। गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। इस अधिकारी के सवाल पर प्रमुख सचिव ने अधिकारी से ही समाधान बताने के लिए कहा तो संबंधित अधिकारी ने चुप्पी साध ली। सभी के चेहरों पर हल्की मुस्कान आई और फिर मामला टल गया।