नजीबाबाद। प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंख लाल मांझी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में जल्द 5000 चिकित्सकों की तैनाती होगी। उन्होंने कहा जल्द ही बिजनौर को 21 चिकित्सक दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एनएचआरएम घोटाले में शामिल चिकित्सकों के साथ रियायत नहीं बरतेगी। जांच के चलते उन्हें जिम्मेदार पदों से दूर रखा जाएगा।
लोनिवि निरीक्षण भवन में प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंख लाल मांझी ने कहा कि पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। बसपा सरकार की उपेक्षा से चिकित्सकों और स्टाफ की कमी सपा सरकार को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार को खजाना खाली एवं कर्ज में डूबा मिला। 32 हजार करोड़ रुपये मात्र बिजली विभाग पर ही बकाया था। उन्होंने बताया कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से जल्द ही प्रदेश में 5000 चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात होगा। जनपद बिजनौर को 21 चिकित्सक दिए जाएंगे।
मांझी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बेहतर स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार, बहुमुखी विकास है। प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से मात्र 20 मिनट में आपात चिकित्सा मुहैया कराने के लिए सेवा तत्काल प्रभाव से शुरू की है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि डेंगू की भयावह स्थिति के लिए प्राइवेट चिकित्सक जिम्मेदार हैं। प्राइवेट चिकित्सक डेंगू को गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। डेंगू मच्छर जनित रोग है। स्वास्थ्य विभाग, पंचायत राज विभाग समेत अन्य विभाग मच्छरों से निपटने के लिए जागरूक हैं। नजीबाबाद के सीएचसी, महिला चिकित्सालय और सीएचसी में चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों समेत विभिन्न मुद्दों पर राज्य मंत्री टाल मटोल जवाब देते रहे। इससे सपा कार्यकर्ता हैरत में पड़ गए। इससे पूर्व स्वास्थ्य राज्य मंत्री का नफीस अहमद, सुखजिंदर गोल्डी, मुजम्मिल शहजाद, पं. अमित शर्मा आदि ने स्वागत किया।