चिकित्सा सुविधाओं का होगा विस्तार
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए ग्रामीण चिकित्सा की बेहतरी की उम्मीदें परवान चढ़ेंगी महिला व शिशुओं के साथ-साथ सभी ग्रामीणों को सेहतमंद बनाने के लिए ग्रामीण चिकित्सा को पंख लगेंगे। अब ग्रामीण महिलाओं और उनके शिशुओं समेत सभी को रोग मुक्त रखने के लिए राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ग्रामीण अस्पतालों की हालत सुधारने के निर्देश दिए हैं। ऐसा होने पर ग्रामीणों को शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे देहात क्षेत्र के करीब करीब उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इसका लाभ मिलेगा।
शासन की मंशा है कि सभी वर्गों के लोगों को सेहतमंद बनाया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने प्रदेश के करीब करीब सभी जिलों में ग्रामीण चिकित्सा की सेहत में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। जिले में कुल 22 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इनमें से 11 पीएचसी और 11 सीएचसी शामिल हैं। इनके अंतर्गत जिले भर में 45 अतिरिक्त उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। ये सभी देहात क्षेत्रों में स्थित हैं। ब्लॉक नजीबाबाद क्षेत्र में भागूवाला, झक्काकी, मंडावली, नांगल सोती, किरतपुर क्षेत्र में भनेड़ा, गनौरा, बेगमपुरशादी, कोतवाली देहात में कोटकादर, पुरैनी, मोहम्मदपुर देवमल में स्वाहेड़ी, धर्मनगरी, बालावाली, बरुकी आदि संचालित हैं। ऐसे करीब सभी अस्पतालों की सेहत सुधारने का जिम्मा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दिया है। अधिकारियों से इन अस्पतालों की हालत में सुधार करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि इन उप स्वास्थ्य केंद्रों की हालत में को सुधारा जा सके। अफसरों के अनुसार इन केंद्रों की वर्तमान स्थिति का खाका तैयार कर राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजा जाएगा। प्रस्ताव पारित होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की योजना परवान चढ़ीं तो समाज को सेहतमंद बनाने में कोई कमी नहीं रहेगी। ऐसा होने पर महिलाओं और शिशुओं के साथ अन्य ग्रामीणों को शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। सीएमओ राकेश मित्तल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय से देहात क्षेत्रों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। मंजूरी मिलते ही ग्रामीण चिकित्सा सेहतमंद हो जाएगी। ग्रामीणों की शहरों में होने वाली आवक कम हो जाएगी। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा।