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चिकित्सकों की कमी देखते हुए पीएचसी सीएचसी पर काम करेंगे आयुष चिकित्सक

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पीएचसी, सीएचसी पर काम करेंगे आयुष चिकित्सक
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी और सरकारी सेवा में घटते रुझान को देखते हुए शासन ने सीएचसी, पीएचसी में आयुष चिकित्सकों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इससे सरकारी अस्पताल अब चिकित्सकों की कमी से नही जूझेंगे और मरीजों को उपचार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
प्रदेश भर में सरकारी चिकित्सकों की कमी है। बिजनौर में भी 169 चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र 51 चिकित्सक ही तैनात हैं। जिले में अभी भी 118 पद रिक्त हैं। देहात में मरीजों के उपचार के लिए 11 सीएचसी, 11 पीएचसी संचालित हैं। यहां एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती की जाती है, देहात में चिकित्सकों की कमी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां पर चिकित्सकों की तैनाती करना शासन के लिए भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। क्योंकि युवा एमबीबीएस चिकित्सक सरकारी सेवा में नहीं आना चाहते हैं, जो आते भी हैं वह देहात में नहीं जाना चाहते।
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शासन ने चिकित्सकों की इस कमी को यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सकों की नियुक्ति कर दूर करने का निर्णय लिया है। एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ आयुष चिकित्सक भी सीएचसी, पीएचसी पर उपचार करेंगे। इन्हें इनकी विद्या के अनुसार दवाइयां और अन्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीएम की निगरानी में गठित समिति आयुष चिकित्सकों की तैनाती करेगी। शुरू में यह व्यवस्था दो साल के लिए की गई है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मोहन प्रसाद भट्ट के अनुसार शासन के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्दी ही सीएचसी, पीएचसी पर आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति हो जाएगी।
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