बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फसली ऋण मोचन योजना में जिले के 22 हजार 156 किसानों का 146.96 करोड़ रुपये माफ हो चुका है। योजना में अपात्र होने के बाद भी काफी किसान अब ऋण माफी का सपना देख रहे हैं। ये किसान ठगों के झांसे में भी आ रहे हैं और अपनी मेहनत की कमाई को ठगों की झोली में डाल रहे हैं। किसानों को ऋण माफी के नाम पर रुपये ऐंठने वाले ऐसे ठगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
फसली ऋण मोचन योजना की दूसरी सूची सत्यापन के लिए राजस्व विभाग को भेजी दी गई है। राजस्व विभाग की टीम गांवों में जाकर किसानों की पात्रता का सत्यापन कर रही है। ऋण माफी की सबसे पहले शर्त है कि किसान के पास 25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो। दूसरी प्रमुख शर्त है कि 25 बीघा तक जमीन वाले जिन किसानों ने 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लिया था और उसमें से जो राशि 31 मार्च 2017 तक जमा नहीं की है, उसके मूलधन से एक लाख रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा, अगर किसान पर एक लाख रुपये से कम का कर्ज है तो कम राशि ही भेजी जाएगी। ऋण पर लगने वाले ब्याज को किसान पर कर्ज के रूप में नहीं देखा जाएगा, लेकिन गांवों में ठग किसानों को जाकर गुमराह कर रहे हैं। ठग खुद को राजस्व विभाग से बताकर अपात्र किसानों को भी योजना में शामिल करने की बात कहकर उनसे रुपये ऐंठ रहे हैं। बाद में ये किसान बैंक में जाते हैं तो उनको खुद के ठगे जाने का पता चलता है।
ये भी हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
-किसान पर दो हेक्टेअर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
-किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
-खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
-अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
-किसान द्वारा ऋण राशि का दुरूपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
-फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
जिला कृषि अधिकारी/ऋण मोचन योजना के नोडल अधिकारी डा.अवधेश मिश्र के अनुसार किसान किसी के भी बहकावे में न आएं। ऋण मोचन योजना में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है और शर्तों का कड़ाई से पालन हो रहा है। केवल पात्र किसानों का ही ऋण माफ होगा।