बिजनौर। किसानों के लिए खुशखबरी है। शासन ने किसानों के लिए गन्ना सप्लाई के लिए बड़ी सौगात दी है। अब किसानों के गन्ने के सट्टे का निर्धारण पिछले तीन से पांच साल तक की गई गन्ना सप्लाई के आधार पर होगा। पहले सट्टे का निर्धारण किसान द्वारा दो साल तक की गई गन्ना सप्लाई को आधार मानकर किया जाता था। डीसीओ ओपी सिंह ने सप्लाई की सुविधा के लिए किसानों से उपज बढ़ोतरी की रसीद 30 सितंबर तक कटवाने को कहा है।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार शासन ने किसान का गन्ना सट्टा तय करने की नई नीति का एलान कर दिया है। अब तक सट्टे का निर्धारण किसान द्वारा पिछले दो साल में की गई गन्ना सप्लाई के आधार पर होता था। शासन की मंशा है कि किसान का गन्ना समय से मिलों को सप्लाई हो जाए तथा एक भी गन्ना खेत में खड़ा न रह जाए। इसलिए सट्टा निर्धारण नीति में बदलाव किया गया है। अब किसान के सट्टे का निर्धारण तीन या पांच साल में किए गए गन्ना सप्लाई को आधार मानकर किया जाएगा। इसमें नियमित सप्लाई करने वाले किसानों को वरीयता दी जाएगी। डीसीओ का कहना है कि सप्लाई के लिए किसान को उपज बढ़ोतरी की रसीद कटवाना जरूरी है। जिले में किसानों ने ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई की है। अर्ली वैरायटी के गन्ने का रकबा करीब 98 प्रतिशत है। यह पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत अधिक है।
समिति सदस्य बनने का आखिरी मौका
बिजनौर। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार किसानों के नए सदस्य बनने का आखिरी मौका दिया गया है। किसान 15 सितंबर तक गन्ना समिति के सदस्या बन सकेंगे। वारिस भी मेंबर बन सकेंगे। सदस्य बनने के लिए किसान आधार कार्ड, पहचान पत्र, जमीन की प्रमाणित प्रति और चार फोटो जरूरी है।