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अरबन पीएचसी पर भी होगी टीबी की जांच और उपचार

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अरबन पीएचसी पर भी होगी टीबी की जांच
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बिजनौर। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अब अरबन पीएचसी पर भी होगी टीबी रोग की मुफ्त जांच होगी। इस रोग की पुष्टि होने पर मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। इसके लिए जिले की सभी नौ अरबन पीएचसी के स्टाफ को जांच और उपचार की ट्रेनिंग दी जाएगी। अभी तक केवल सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही जांच और उपचार की व्यवस्था थी।
भारत सरकार की मंशा है कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी रोग से मुक्त किया जा सके। इसके लिए सरकार की ओर से तेजी से अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार ने रोगियों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रखी हैं। जिससे लोग जागरूक हों और इलाज कराने के बाद पूर्णत: ठीक हो सकें। अफसरों के अनुसार राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत में क्षय रोग को समाप्त करने के लिए पहले वर्ष 2035 का लक्ष्य था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे घटाकर 2025 कर दिया है। सरकार की मंशा है कि इस अवधि तक भारत को टीबी मुक्त कर दिया जाए। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए जिले में कुल 12 क्षय रोग यूनिट व 33 लैब विभिन्न सीएचसी व पीएचसी पर स्थापित हैं। इन स्थानों पर टीबी रोगियों की नि:शुल्क जांच और दवाइयों का वितरण होता है। साथ ही रोगी को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा जिले की सभी नौ अरबन पीएचसी पर भी टीबी की जांच की जाएगी। इसके लिए वहां के स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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इन स्थानों पर हैं अरबन पीएचसी
जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार जिले में कुल नौ अरबन पीएचसी स्थापित हैं। इनमें जिला मुख्यालय पर दो, स्योहारा, नजीबाबाद, किरतपुर, धामपुर, शेरकोट, नगीना, स्याऊ में एक-एक अरबन पीएचसी हैं। यहां पर टीबी रोग की जांच करने के लिए टीबी यूनिट की स्थापना की जाएगी। जिससे लोगों को जांच और उपचार कराने में आसानी हो सके।
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