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देरी से खत्म होगा पेराई सत्र, खेतों में खड़ा है 31 लाख क्विंटल गन्ना

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अमरोहा। गेहूं कटाई की चिंता और गन्ना खत्म करने की चिंता किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। फिलहाल जिलेभर में करीब 31 लाख क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है। गन्ना बेचने के लिए किसान हर रोज अधिकारियों से पर्चियों की डिमांड कर रहे हैं। वहीं इस बार दस मई तक पेराई सीजन खिंचेगा।
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इस बार जिले में गन्ने की बंपर पैदावार हुई। चीनी मिलें भी पिछले साल के मुकाबले पंद्रह दिन पहले चल गई लेकिन, पूरा गन्ना पेराई करने में चीनी मिलें हांफने लगी हैं। अभी तक केवल तीन करोड़ पचास लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो सकी है। फिलहाल खेतों में किसानों के पास करीब 31 लाख क्विंटल गन्ना खड़ा हुआ है। वहीं 25 लाख क्विंटल गन्ने का बेसिक कोटा पेराई से बाकी है। यानि चीनी मिलों ने अगर बेसिक कोटे के अनुसार गन्ना खरीदा तो इसके बाद भी छह लाख क्विंटल गन्ना बाकी रह जाएगा। जिसे किसान औने पानें दामों पर क्रशर या कोल्हू पर बेेचने को मजबूर होगा। किसानों को गन्ना बेचने की यही चिंता सता रही है। उधर गेहूं कटाई का मौसम है। ऐसे में पहले गेहूं कटाई कराएं या गन्ने का खेत खाली करें। इससे लेकर किसानों में बैचेनी बनी हुई है। किसान संगठनों की बैठक में गन्ना पर्ची का मुद्दा छाया रहता है। इसके अलावा गन्ना विभाग के कार्यालय और समितियों पर रोजाना किसानों की डिमांड रहती है।
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चार क्रय केंद्र दूसरी चीनी मिल को दिए
अमरोहा। गन्ना पेराई की समस्या से निपटने के लिए गन्ना विभाग ने हसनपुर सहकारी चीनी मिल के चार गन्ना क्रय केंद्र काट दिए हैं। इनमें तेलीपुरा, देहरा प्रथम, भानपुर और खजूरी को भेलबाड़ा चीनी मिल को दिया गया है। इसके लिए गन्ना विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लखनऊ भेजा था। जिस पर गुरुवार को मोहर लग गई। इन चार क्रय केंद्रों के क्षेत्र में करीब सवा लाख क्विंटल गन्ना खड़ा हुआ है।
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दस मई तक चलेंगी चीनी मिल
अमरोहा। पिछले साल धनौरा और चंदनपुर चीनी मिल 17 अप्रैल को बंद हो गई थी। 28 अप्रैल को सबसे बाद में हसनपुर चीनी मिल बंद हुई लेकिन, इस बार सीजन लंबा खींच रहा है। इस बार सबसे बाद में हसनपुर दस मई को बंद होने की उम्मीद है। वहीं 30 अप्रैल से पहले कोई भी चीनी मिल बंद होने की कगार पर नहीं है। क्योंकि सरकार और गन्ना विभाग चीनी मिलों पर पूरे गन्ना पेराई करने का दबाव बनाए हैं।
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-- इस बार चीनी मिले देरी से बंद होगी। पांच से दस मई के बीच तक चीनी मिले चलेंगी। कोशिश की जा रही है, कि खेतों में खड़े सभी गन्ने की पेराई कर ली जाए। किसानों की हरसंभव मदद की जा रही है।
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-विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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