बिजनौर । जिले के युवकों को प्रशासनिक सेवाओं की कोचिंग देने के लिए शुरू प्रशासन की पहल रंग लाने लगी है। कोचिंग संस्थान को संस्थागत रूप देने के लिए जिला लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा। लाइब्रेरी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है। इस बारे में डीएम जगतराज ने जिला लाइब्रेरी के पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक 19 जनवरी को कलक्ट्रेट सभागार में बुलाई हैं।
जिले में कोई स्तरीय कोचिंग संस्थान नहीं था। जिले के युवकों को प्रशासनिक सेवाओं की कोचिंग लेने के लिए मेरठ, दिल्ली जाना पड़ता था। डीएम जगतराज पूर्व में अपनी तैनाती के दौरान कई जगह कोचिंग संस्थाओं के संचालन में सहयोग कर चुके थे। इस बीच प्रशिक्षु आईएएस इंद्रजीत सिंह की जिले में पोस्टिंग हुई। उन्होंने कोचिंग संस्थान खोलने में दिलचस्पी ली। डीएम जगतराज और सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी से चर्चा हुई। इन अधिकारियों ने आर्थिक सहयोग देकर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए अपडेट किताब मंगवाई। जिला लाइब्रेरी में चार-पांच युवकों के साथ कोचिंग संस्थान का करीब सात आठ माह पहले शुभारंभ हुआ। बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। आईएएस इंद्रजीत सिंह के अनुसार कोचिंग में छात्रों की संख्या 100 के आसपास हो गई है। डीएम ने वर्ष 2015 बैच के नवागंतुक पीसीएस अधिकारी जितेंद्र कुमार को भी कोचिंग को नया रूप देने में लगा दिया है। एसएसपी प्रभाकरन चौधरी कोचिंग में टिप्स दे रहे हैं। डीएम जगतराज के मुताबिक प्रशासन कोचिंग कक्षाओं को स्थायी रूप देना चाहता है। इसलिए कोचिंग संस्थान को जिला लाइब्रेरी से संबंध करने का निर्णय हुआ है। इसके लिए जिला लाइब्रेरी की बैठक 19 जनवरी को कलक्ट्रेट में बुलाई है।
लाइब्रेरी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने को लेकर डीएम से मिले
बिजनौर। शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविद ने जिला लाइब्रेरी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। लाइब्रेरी में वर्तमान में 22 सदस्य हैं। समाजसेवियों ने डीएम से मिलकर तर्क दिया कि लाइब्रेरी में शिक्षाविद को शामिल करके नई दशा और दिशा मिलेगी। डीएम जगतराज ने मामले को 19 जनवरी को होने वाली लाइब्रेरी की बैठक में रखने का भरोसा दिया हैं।