जाम लगाने पर भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत 60 पर रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
भारतीय किसान महासंघ के बैनर तले भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के पदाधिकारी व कार्यकर्ता किसानों के मुद्दों को लेकर शुक्रवार को नेशनल हाइवे-24 पर उतरे। रजबपुर पर डेरा डाल कर नेशनल हाइवे पर चक्का जाम कर दिया। प्रस्तावित चक्का जाम को सफल बनाने के लिए सुबह 11 बजे से ही किसान रजबपुर हाइवे पर पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे हाइवे पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। वाहनों के पहिये थम गए। मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहन आगे नहीं बढ़ सके। थाना पुलिस पहुंच गई। मुरादाबाद से आने वाले वाहनों की लंबी लाइन लग गई। यहां करीब आधा घंटा तक वाहन जाम में फंसे रहे। देर रात रजबपुर थाने में भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह और जिलाध्यक्ष महावीर सिंह के अलावा 60 अज्ञान किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
तत्काल हरकत में आई पुलिस ने वाहनों को मोड़ कर अतरासी चौराहे से हसनपुर होते हुए गजरौला से निकाला गया। उधर, दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को गजरौला चौपला से हसनपुर होते हुए अतरासी चौराहे पर निकाला गया। करीब डेढ़ बजे एसडीएम हर्ष वर्धन श्रीवास्तव और सीओ इंस्पेक्टर सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों को समझा बुझाकर हाइवे से हटाने की कोशिश की लेकिन किसान अड़े रहे। जिससे अफसर भी तीन बजने का इंतजार करते रहे। दोपहर करीब तीन बजे प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा गया। तब कहीं धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ। किसानों ने हाइवे खाली किया। इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक व भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने पर किसानों से डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर फसलों का भाव संपूूर्ण लागत से कम से कम 50 प्रतिशत या डेढ़ गुना मुनाफा जोड़ कर तय करने का भरोसा दिलाया था। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को बिना ब्याज का कर्ज बैंकों से दिलाने का भी वादा किया था। सरकार किसानों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने का वादा भी लॉलीपॉप साबित हो रहा है। सरकार किसानों के साथ वादा खिलाफी कर रही है। कहा कि गेहूं, उड़द, चीनी, अरहर आदि का अनावश्यक आयात किया गया है। जिससे कृषि जींशों के भाव में भारी गिरावट आयी है। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दूध और सब्जी उपादक किसान लागत से कम मूल्य पर बिक्री होने से आत्महत्या कर रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के मंदसौर कांड पर जलियावाला बाग कांड करार दिया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।अध्यक्षता रामकुंवर सिंह व संचालन जिलाध्यक्ष महावीर सिंह ने किया।
प्रमुख रूप से ये रहे मौजूद
अमरोहा। भाकियू असली के चक्का जाम में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह, सतेंद्र सिंह, मंडलाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, संजय गांधी, राविंद्र सिंह, दीपक शर्मा, अशोक प्रधान, बिनेश प्रधान, तेजपाल सिहं, सतपाल सिंह, कीकर सिंह, अमर सिंह, अरविंद, वेदप्रकाश आदि थे।
हाइवे पर टमाटर फेंक कर किया प्रदर्शन
अमरोहा। भाकियू असली के चक्का जाम के दौरान किसानों ने टमाटर के भाव में भारी गिरावट आने पर विरोध प्रकट किया। हाइवे पर टमाटर से भरे कट्टे लौटकर विरोध जताया। केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की।