दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं की लगाई चुनाव में डयूटी
बिजनौर। लोकसभा निर्वाचन में दिव्यांग कर्मचारियों व गर्भवती महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से कर्मचारी परेशान हैं। वहीं मेडिकल पर चल रहे कर्मचारियों को भी ड्यूटी से नहीं बख्शा गया। कर्मचारी संगठनों ने ऐसे कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी से तत्काल मुक्त करने की मांग की है।
लोकसभा चुनाव की ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का दक्ष करने का काम शनिवार से शुरू हो गया। चुनाव में ड्यूटी लगाने में किसी को नहीं बख्शा गया है। दिव्यांग कर्मचारियों व गर्भवती महिला कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्वाचन के लिए लगाई गई है। शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के दिव्यांग कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। गर्भवती महिला कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। सरकारी कार्यालयों में ऐसे कर्मचारियों की अर्जी आनी शुरू हो गई है, पर अभी तक किसी की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। काफी महिला कर्मचारी ऐसी भी हैं जिनके बच्चे तीन साल से कम आयु के हैं। पर उनकी भी ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारी संगठनों ने ऐसे कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है, जिनके सामने वास्तव में परेशानी हैं। उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री दुष्यंत कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, वित्त विहीन माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर ने दिव्यांग कर्मचारियों, गर्भवती महिला कर्मचारियों व जिन महिला कर्मचारियों के तीन वर्ष से कर्म आयु के बच्चे हैं उन्हें ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। उनके स्थान पर दूसरे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा है।