अधिकारों के प्रति जागरूक हुए श्रमिक
बिजनौर। अपने अधिकारों के लिए श्रमिक जागरूक हो गए हैं। श्रम विभाग में एक लाख से अधिक श्रमिकों ने अपना पंजीकरण कराया है। ये श्रमिक निर्माण कार्यों में लगे हैं। शासन द्वारा पात्रता के आधार पर इन श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाओं का संचालन किया जाता है। इन श्रमिकों का पंजीकरण श्रम विभाग में किया जाता है। कुछ साल पहले तक श्रम विभाग में केवल आठ से दस हजार ही रजिस्ट्रेशन थे। हालांकि योजनाओं की जानकारी देने पर श्रमिकों में अपने अधिकारों को पाने के लिए जागरूकता आई। वर्तमान में एक लाख 18 हजार श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। इन श्रमिकों में 25 हजार से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं। जिले में करीब डेढ़ लाख मनरेगा श्रमिक हैं और ये भी विभाग में पंजीकरण करा सकते हैं। श्रम विभाग भी इन श्रमिकों का शत प्रतिशत पंजीयन विभाग में कराने के लिए अभियान चलाएगा।
ये हैं योजनाएं
श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के लिए मातृत्व हितलाभ योजना, शिशु हितलाभ योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, आवास सहायता योजना, सौर ऊर्जा सहायता योजना, निर्माण कामगार पुत्री विवाह योजना, निर्माण कामगार बालिका मदद योजना, चिकित्सा सुविधा योजना, मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना, निर्माण कामगार अंत्येष्टि सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, पेंशन योजना, अक्षमता पेंशन योजना संचालित हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी पीएन बिजल्वाण के अनुसार शासन की योजनाओं का लाभ विभाग में पंजीकरण कराने पर ही मिलेगा। निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक अधिक से अधिक पंजीकरण कराएं।