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डीएम कंपाउंड के पास उड़ रहे सरकारी आदेश

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बिजनौर। पूरे शहर में लोगों को स्वच्छता अभियान में शामिल होने की अपील करने वाला नगर पालिका प्रशासन जिलेवासियों को बदले में धुएं और वायु प्रदूषण का तोहफा दे रहा है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों को डीएम कंपाउंड के पास में ही धुएं में उड़ाए जा रहे हैं। नगर पालिका के अधिकारी बैनर लगाकर जनता को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन खुद के द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण पर आंखें बंद किए बैठे हैं।
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पर्यावरण प्रदूषण एक ऐसी वैश्विक समस्या है जिसने दुनिया भर के तमाम देशों को एक मंच पर ला दिया है। भारत में भी पर्यावरण प्रदूषण को खत्म करने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण पर्यावरण प्रदूषण से जुड़े हर मामले पर नजर रख रही है। यहां तक कि किसानों द्वारा खेतों में पराली और फसलों के बाकी अवशेष जलाने पर रोक लगाने के साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। जिले में भी खेतों में फसलों के अवशेष जलाने वाले किसानों को नोटिस देकर जुर्माना लगाया गया है, लेकिन शहरों में सफाई का पर्याय मानी जाने वाली नगर पालिका ही राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों की धज्जियां उड़ा रही हैं। पेड़ों से गिरने वाले पत्तों व अन्य कूड़ों को कूड़े वाली जगह पर डालने के बजाए मौके पर ही जलाकर इसे ठिकाने लगाया जा रहा है। यह सब और कहीं नहीं बल्कि डीएम कंपाउंड के चारों ओर ही हो रहा है। सफाई कर्मचारी पत्तों को इकट्ठा तो करते हैं, लेकिन ट्राली में डालने के लिए नहीं बल्कि जलाने के लिए। नगर पालिका अधिकारी अपने कार्यालयों में आराम से बैठकर शहर के साफ होने की रिपोर्ट बनाते रहते हैं।
केवल पत्तों को ही नहीं जलाया जाता बल्कि पॉलिथीन भी जलाई जा रही है। सुबह के समय बाजार में सफाई कर्मचारी व दुकानदार पॉलिथीन जलाते हैं। नगर पालिका के अधिकारी कभी दौरा करके ऐसे दुकानदारों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
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रोज की तरह बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों ने डीएम कंपाउंड के चारों ओर पत्ते जलाए। पूछने पर बताया कि पत्ते ट्राली में नहीं रुकते और चारों ओर फैल जाते हैं। उनसे पूछा गया कि उड़ती तो राख भी है तो वह चुप हो गया। राहगीरों ने बताया कि यह कर्मचारियों का रोज का काम है। कभी कोई अधिकारी उनकी निगरानी करने नहीं आता। कहा कि इस सबके जिम्मेदार अधिकारी हैं। वे खुद की जिम्मेदारी तय मानने के बजाए किसी एक कर्मचारी का एक दिन का वेतन काटकर पल्ला झाड़ लेंगे।
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