अमर उजाला ब्यूरो
लोन की व्यवस्था ऑनलाइन होने से शिक्षक हैं परेशान
वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा कार्यालय से टीओ कार्यालय जाती हैं लोन की फाइल
बिजनौर । परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को जीपीएफ से लोन लेने में परेशानी आ रही है। लोन के लिए शिक्षक वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा और जिला कोषागार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। शिक्षकों ने एक लिपिक पर भी मनमानी करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, टीओ ने शिक्षकों के लोन ऑन लाइन होने की बात कही है।
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को उनके जीपीएफ से रिफंडेबल के रूप में एक लाख रुपये तथा नॉन रिफन्डेबल के रूप में 60 हजार रुपये बिना ब्याज के लोन की व्यवस्था है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो महीने से शिक्षकों को लोन स्वीकृत होने और भुगतान होने में परेशानी हो रही है। करीब 60 शिक्षकों की लोन की फाइल वित्त एवं बेसिक शिक्षा विभाग से स्वीकृत होने के बाद जिला कोषागार कार्यालय को भेजी जा चुकी हैं। शिक्षक लोन लेने के लिए टीओ कार्यालय और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लोन की धनराशि उन्हें नहीं मिल पा रही है। शिक्षकों ने एक लिपिक पर भी शिक्षकों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अंगजीत सिंह, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने शिक्षकों के लोन की धनराशि का भुगतान समय पर कराने की मांग की है। दूसरी ओर, टीओ सूरज कुमार का कहना है कि उनके कार्यालय से कोई भी लोन पेंडिंग नहीं है। अब लोन ऑन लाइन डीडीओ पोर्टल से किया जा रहा है। धनराशि शिक्षकों के सीधे खातों में भेजी जा रही है। यदि किसी शिक्षक का लोन पेंडिंग है तो वह मामले की जांच करेंगे।