बिजनौर। शासन के सख्त होते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने आनन फानन में 2740 शिक्षामित्रों के दो महीने के मानेदय का भुगतान कर दिया है।
शासन ने शिक्षामित्रों के मानदेय का भुगतान 25 अक्तूबर तक करने के आदेश दिए थे। भुगतान नहीं होने पर शिक्षा विभाग के आला अफसरों का वेतन रोकने को कहा था। मानदेय भुगतान की सूचना 26 अक्तूबर तक शासन को देनी थी, पर जिले के शिक्षा मित्रों के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ। शासन ने मानदेय की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी तो बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने मानदेय भुगतान में आनन फानन में खंड शिक्षा अधिकारियों से सूचना मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को शिक्षक पदों पर समायोजित शिक्षामित्रों की नियुक्ति निरस्त कर दी थी। इसके बाद 26 जुलाई से शिक्षामित्र हड़ताल पर चले गए थे। अगस्त व सितंबर के महीने में कई बार शिक्षामित्र आंदोलन पर गए। कभी स्कूल तो कभी आंदोलन पर। आंदोलन पर होने के बाद भी शिक्षक पदों पर बने रहने पर बात नहीं बनी। शासन के निर्देश पर अगस्त व सितंबर के मानदेय का भुगतान किया गया है। बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक जिले के 2740 शिक्षामित्रों को अगस्त व सितंबर के 10-10 हजार रुपये महीने के हिसाब से मानदेय भेजा गया है।
अनुपस्थिति खंगालने को दिए निर्देश
बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से आंदोलन के दौरान स्कूलों से अनुपस्थित रहे शिक्षा मित्रों की सूचना मांगी है। बीईओ द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर तैनात संकुल प्रभारियों से शिक्षामित्रों की उपस्थिति का ब्योरा मांगा गया है। जो शिक्षा मित्र स्कूलों से अनुपस्थित रहे हैं, उनका मानदेय काटा जाएगा।
मूल विद्यालयों में नहीं हुई वापसी
शिक्षामित्र भले ही शिक्षक पदों से शिक्षामित्रों के पदों पर वापस आ गए, पर अभी तक शिक्षामित्रों की वापसी उनके मूल विद्यालयों में नहीं हुई है। जबकि शासन ने शिक्षा मित्रों को उनके मूल पदों पर भेजने का आश्वासन दिया था। उप्र प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रांतीय महामंत्री पुनीत चौधरी ने बताया कि कई बार संगठन शिक्षामित्रों को उनके मूल पदों पर भेजने की मांग कर चुका है। उनके साथ वादाखिलाफी की जा रही है।
शिक्षकों ने बीईओ को हटाने की मांग की
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए महेश चंद्र से मिल कर धामपुर में शिक्षकों व बीईओ में हुई मारपीट प्रकरण में बीईओ को तत्काल हटाने की मांग की। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष नागेश कुमार के नेतृत्व में बीएसए से मिले शिक्षकों ने बताया कि 14 सितंबर को मारपीट होने के बाद शिक्षकों के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई की गई, पर बीईओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षकों में आक्रोश है। जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करेगा। उधर, बीएसए ने बताया कि मामले की जांच एसडीएम धामपुर कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल जिला मंत्री प्रशांत सिंह, रईस अहमद खान, अरविंद चौधरी, असीम चौहान, राजेंद्र सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।