बिजनौर। जिले के शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बुधवार को बीएसए कार्यालय पर धरना देकर दफ्तर पर ताला जड़ा। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये करने के आदेश की प्रतियां भी जलाईं। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बेमियादी धरना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा से शिक्षामित्रों में उबाल है। बुधवार को आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय प्रभारी सौरभ चौधरी, जिला महामंत्री मो. वाइज, अहतेशाम, सुधीर कुमार चौहान के नेतृत्व में जिले के शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्रित हुए तथा धरना देकर बैठ गए। शिक्षामित्रों ने वहां पर प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। गुस्साए शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर ताला जड़ कर कामकाज ठप कर दिया। इसके बाद शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के मानदेय बढ़ाने संबंधी आदेश की प्रतियां जला कर विरोध प्रकट किया। धरनास्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय प्रभारी सौरभ चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, अपर मुख्य शिक्षा सचिव राज प्रताप सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी। उनको दरकिनार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षामित्रों को आश्रम पद्धति के तहत मानदेय का भुगतान करने की बात कही गई थी। उन्होंने शिक्षामित्रों को समान कार्य के लिए समान वेतन, नया अध्यादेश ला कर शिक्षामित्रों को शिक्षक पदों पर तैनात करने की मांग की। अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक शिक्षामित्र धरने पर डटे रहेगा। इस मौके पर शिक्षामित्र नेता बाबूराम तोमर, धर्मेंद्र तोमर, अहतशाम अहमद, मो. वाइज, नईम अहमद, सुधीर चौहान, अरुण कुमार, प्रदीप सिंह, बबीता रानी, धर्मवती, प्रभा रानी, अंजू सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
बीएसए धरने पर डटी रहीं महिला शिक्षा मित्र
बीएसए कार्यालय पर शिक्षामित्रों के धरने पर महिला शिक्षामित्र चिलचिलाती गर्मी में छाता लगाए धरने पर डटी रहीं। कई शिक्षामित्र ऐसी भी थी जिनकी गोद में छोटे-छोटे बच्चे धरने पर ही उनके साथ रहे। महिला शिक्षा मित्रों का कहना था कि उनके साथ रोजीरोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। सरकार उनके हितों पर ध्यान नहीं दे रही है।
तीसरी बार आंदोलन पर गए शिक्षामित्र
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने के बाद अब शिक्षामित्र सवा महीने में तीसरी बार आंदोलन पर चले गए हैं। प्रथम चरण में 26 जुलाई से धरना शुरू किया गया था। दूसरे चरण में 16 अगस्त से धरना शुरू हुआ था। शासन स्तर पर आश्वासन मिलने के बाद धरना प्रांतीय संगठन के आह्वान पर समाप्त कर दिया गया था। मंगलवार को शासन ने शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय देने की घोषणा से बुधवार को तीसरे चरण का आंदोलन शुरू कर दिया गया है।