नाप लिए बिना ही तैयार कराईं 62,270 यूनिफॉर्म
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराए जाने को लेकर अभी से खेल होना शुरू हो गया है। स्कूलों में लॉकडाउन के चलते बच्चे नहीं आ रहे हैं। लेकिन अधिकारियों ने बिना माप लिए ही 62,270 बच्चों की यूनिफॉर्म तैयार करा दी गई है। अब बीईओ शिक्षकों पर यूनिफॉर्म वितरण कराने का दबाव बना रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने मनमानी करने का विरोध शुरू कर दिया है।
जिले के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के करीब 1,75,000 बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जानी है। लॉकडाउन के चलते स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं। बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराए जाने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह को सौंपी गई है। जिले के स्कूलों में अभी तक बच्चों की नाप भी नहीं ली गई। परंतु 62,270 बच्चों की यूनिफार्म तैयार करा दी गई। विद्यालय प्रबंध समिति को भी ताक पर रख दिया गया। अब बच्चों को यूनिफॉर्म वितरित कराने का जिले के खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों पर दबाव बना रहे हैं। न्याय पंचायत स्तर पर बने संकुल प्रभारियों के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को व्हाट्सएप मैसेज करा यूनिफॉर्म वितरण कराने का दबाव बना रहे हैं। अधिकारियों की मनमानी के चलते शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि यूनिफॉर्म वितरण को लेकर की जा रही मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक संघ इसे लेकर चुप नहीं बैठेगा। बिना नाप के तैयार की गई कराई गई यूनिफॉर्म की शिकायत शासन को की जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच कराई जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह ने बताया कि जिले के बीईओ शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। जबकि स्कूलों में स्वयं सहायता समूह के सदस्य नहीं पहुंच रहे हैं। बिना नाप के तैयार कराई गई यूनिफॉर्म की जांच कराई जानी चाहिए। जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी व प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि यूनिफार्म वितरण को लेकर शिक्षक संगठन किसी भी सूरत में शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।
स्वयं सहायता समूह तैयार कर रहे यूनिफॉर्म
उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ज्ञान सिंह ने बताया कि इस बार जिले में स्वयं सहायता समूह को यूनिफॉर्म वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वयं सहायता समूह की सदस्य स्कूलों में जा रही हैं। लेकिन शिक्षक लॉक डाउन होने की बात कहकर बच्चों की बिना नाप दिलाए ही वापस भेज देते हैं। डीएम को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की सदस्यों द्वारा 62,270 यूनिफॉर्म तैयार कराई गई हैं। यह यूनिफार्म बीएसए कार्यालय से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की छात्र संख्या लेकर तैयार कराई गई। कपड़े की खरीदारी खादी ग्राम उद्योग से की गई है।
दस करोड़ की लागत से मिलेगी बच्चों को यूनिफॉर्म
जिले के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1,75,000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। एक यूनिफॉर्म की लागत 300 रुपयेे है। जबकि दो यूनिफार्म के लिए 600 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से स्कूलों को उपलब्ध कराए जाने हैं। ऐसे में करीब 10,50,00,000 की धनराशि यूनिफार्म के तहत शासन से आनी है।