102 स्कूलों में छापेमारी, 15 शिक्षक गैरहाजिर मिले
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम ने ताबड़तोड़ छापे मारे। जिले के 102 स्कूलों में हुई छापेमारी के दौरान 15 शिक्षक गैरहाजिर मिले, जिनका अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। छापेमारी की खबर से शिक्षकों में खलबली मची रही। बीएसए ने शिक्षकों से समयबद्धता का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। बीईओ को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की चेतावनी दी गई है।
बीएसए महेश चंद्र ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम से ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर और आकू के उच्च प्राथमिक, प्राथमिक विद्यालयों में निरीक्षण कराए। बीएसए ने बताया कि ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में उच्च प्राथमिक विद्यालय जमालपुर पठानी में अनुदेशक पूजा शर्मा, यूसुफपुर हमीद में शिक्षामित्र प्रीति, हल्दौर के फिरोजपुर मुंडो में शिक्षामित्र सुमनवीर सिंह, इलायचीपुर खड़गु की प्रधानाध्यापिका रीपा रानी, शिक्षामित्र ऋतु, फलौदी की शिक्षामित्र रेनू, धनुपुरा की सहायक अध्यापक आभा शर्मा, प्रधानाध्यापक रानी चौधरी, नारायणपुर खेली की शिक्षिका निधि धामा, प्रधानाध्यापक संतराम सिंह, रामजीवाला की शिक्षिका नेहा भारद्वाज, गोपालपुर की माधवी, खिरनी की एकता, भूपेंद्र कुमार, दीपा रानी अनुपस्थित पाए गए। बीएसए ने बताया कि अनुपस्थित रहे शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने की कार्रवाई की जा रही है। शिक्षा विभाग की निरीक्षण टीम में बीईओ शिव कुमार, पीके कौशिक, अजय कुमार, इश्क लाल, विश्वजीत राठी, सुभाष कुमार, विश्वास कुमार आदि शामिल रहे।
हर 15 दिन में होती है क्रॉस चेकिंग
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा विभाग के अधिकारी 15 दिन के अंदर क्रॉस चेकिंग करते हैं। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों की टीम लगाई जाती है। अधिकारियों को चिह्नित स्कूल दिए जाते हैं। अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए जाते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग भले ही आए दिन स्कूलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहा है। लेकिन जिले में काफी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो अपने मूल विद्यालयों के स्थान पर दूसरे स्कूलों में संबद्ध किए गए हैं। शासन द्वारा शिक्षकों के संबद्धीकरण निरस्त करने के आदेश की शिक्षा विभाग के अधिकारी ही हवा निकालने में लगे हैं। ब्लॉक नजीबाबाद, कोतवाली देहात, अफजलगढ़, नूरपुर में कई शिक्षक दूसरे स्कूलों में संबद्ध हैं। बीएसए ने बीईओ को संबद्ध शिक्षकों को मूल स्कूलों में भेजने के आदेश दिए हैं, लेकिन बीईओ ही आदेश नहीं मान रहे।