आनन-फानन में लिया फैसला बना सिरदर्द
नवनिर्मित भवन में भेज दिया सामान
पुराने भवन में परेशानी से जूझ रहीं छात्राएं
फोटो - 12एनजेडबी01आर
नजीबाबाद। आनन-फानन में लिया गया फैसला अक्सर सिरदर्द बन जाता है। शिक्षा विभाग के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (नगर क्षेत्र) को गांव राहतपुर में नवनिर्मित भवन में संचालित में करने का फरमान तो जारी कर दिया गया, मगर सुरक्षा के नजरिए से शिक्षिकाएं राहतपुर जाने से कतरा रही हैं। वार्डन का कहना है कि अभी विद्यालय की बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है और न ही गेट लगाया गया है।
नजीबाबाद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के पश्चिमी प्रखंड के क्षतिग्रस्त भवन में विगत कई वर्षों से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित हैं। भवन में भूतल पर नगर क्षेत्र, प्रथम तल पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के छात्रावास हैं, जबकि भवन के ऊपरी हिस्से पर छात्राएं पढ़ती हैं। नगर क्षेत्र की छात्राओं के लिए नेशनल हाईवे पर गांव राहतपुरखुर्द में और ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए नेशनल हाईवे पर गांव मथुरापुरमोर में विगत कई वर्षों से भवनों की निर्माण प्रक्रिया चल रही थी। पूर्व में भवन निर्माण अधर में छोड़ देने वाली निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है।
आखिरकार शिक्षा विभाग ने राहतपुरखुर्द में बने भवन को अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसमें शिक्षण कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया। नगर क्षेत्र की वार्डन पूनम चौधरी ने बताया कि उन्हें बीते मंगलवार से नए भवन में शिक्षण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए थे, मगर राहतपुर में निर्मित भवन की न तो बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा हुआ है और न ही गेट लगा है। हालांकि निर्देशों के अनुपालन में काफी सामान नवनिर्मित भवन में भेजा जा चुका है। अब सामान के अभाव में स्कूल में पढ़ने वाली 75 छात्राएं पुराने भवन में परेशानियों से जूझ रही हैं।