सरकारी दफ्तरों पर बिजली बिल के 56 करोड़ बकाया
बिजनौर। विद्युत निगम का सरकारी दफ्तरों पर करीब 56 करोड़ रुपया बकाया है। प्राथमिक शिक्षा विभाग सबसे बड़ा बकाएदार है। इसके बाद ग्राम पेयजल योजना समिति पर बकायेदारी है। बकाया बिल जमा न करने वालों पर विद्युत निगम सख्त हो गया है। निगम ने ऐसे विभागों के कनेक्शन कटने शुरू कर दिए हैं।
विद्युत निगम के बिजली बिल की सबसे अधिक देनदारी सरकारी विभागों पर है। अधीक्षण अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि सरकारी दफ्तरों पर कुल बकाएदारी करीब 56 करोड़ है। उनका आरोप है सरकारी विभाग पैसा होते हुए भी विद्युत बिल जमा नहीं कर रहे हैं। जिले के टॉप टेन बकाएदारों में बेसिक शिक्षा विभाग पर सबसे अधिक 22 करोड़ 76 लाख बकाया है। इसके बाद बकायेदारी में ग्राम पेयजल योजना समिति का नंबर है। इस पर 21 करोड़ 76 लाख बिजली बिलों का बकाया है। चिकित्सा विभाग पर चार करोड़ 54 लाख, पुलिस पर एक करोड़ आठ लाख, पंचायतीराज विभाग पर 85 लाख, बकाया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग पर एक करोड़ तीन लाख, ग्राम प्रधान स्वजल धारा योजना में 90 लाख, महिला एवं बाल कल्याण विभाग पर 69.4 लाख, न्याय विभाग पर 48.5 लाख तथा राजस्व विभाग पर 41 लाख रुपये बकाया हैं। सभी बकाएदारों को नियमानुसार बकाया देने के नोटिस भेजे जाते हैं।
तीन लाख जमा करने के बाद जुड़ा बीएसए कार्यालय का कनेक्शन
एसई ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक महीना शेष है। निगम को बकाया वसूलयाबी करनी है। अधिशासी अभियंता, एसडीओ व जेई को बिजली घर वाइज बकाएदारों की सूची दे दी गई है और बकाएदारों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। निगम के अधिकारियों को बकाया नहीं देने पर विद्युत कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं। बकाया भुगतान नहीं करने पर बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय का कनेक्शन काट दिया गया था, जो तीन लाख रुपये बकाया जमा करने पर जोड़ा गया। पुलिस कार्यालय ने भी करीब एक करोड़ जमा कर दिया है।
एक मुश्त समाधान योजना नहीं आएगी
एसई ने बताया कि अब बिजली बिल बकाया रखने वालों को कोई सरचार्ज माफी नहीं मिलेगी। शासन से इस साल एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) नहीं आएगी। शासन की मंशा जान बूझकर बिजली बिल जमा नहीं करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की है। ईमानदारी से बिल जमा करने वालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
लेखपाल प्रशिक्षण संस्थान का कनेक्शन काटा
बिजनौर। लेखपाल प्रशिक्षण संस्थान स्वाहेड़ी का लंबे समय से बिजली का बिल जमा नहीं हुआ है। संस्थान पर लाखों बकाया की देनदारी है। बार बार कहे जाने पर भी बिल जमा नहीं हुआ। जिस पर संस्थान का करीब चार माह पहले बिजली कनेक्शन काट दिया गया है।
बिल जमा करने को 15 दिन का समय
बिजनौर। ग्राम पेयजल योजना समिति समेत सरकारी दफ्तरों पर बिजली बकाया का मामला जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल व डीएम रमाकांत पांडेय के समक्ष उठा है। इस पर सभी विभागों को बकाया भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एसई जेके गुप्ता ने बताया कि अभी किसी बकाएदार सरकारी विभाग का कनेक्शन नहीं काटा गया है।