बिजनौर। नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी करने के लिए बृहस्पतिवार को ई-लॉटरी खोली गई। जिसमें 339 की लॉटरी लगी। बाकी को निराशा हाथ लगी। दरअसल 339 दुकानों के लिए 5201 लोगों ने आवेदन किए थे। लॉटरी के वक्त कलक्ट्रेट में भीड़ रही।
जिले में देसी शराब की 206 दुकान, कंपोजिट यानि अंग्रेजी एवं बीयर 121, छह मॉडल शॉप और छह भांग की दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिनमें देसी शराब की दुकानों के लिए 3021, मॉडल शॉप के लिए 142, कंपोजिट दुकानों का लाइसेंस लेने के लिए 1927 लोगों ने आवेदन किए। भांग की छह दुकानों के लिए 111 आवेदन जमा हुए थे।
अब बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में नोडल अफसर संजय खत्री, डीएम जसजीत कौर, एसपी अभिषेक झा, जिला आबकारी अधिकारी वरुण कुमार की देखरेख में ई लॉटरी खोली गई। आवेदनकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी, सीओ और कोतवाल उदय प्रताप मय फोर्स के साथ कलक्ट्रेट में मौजूद रहे।
n चार दुकानों पर रहा सिर्फ एक-एक आवेदन : एक ओर जिले की सभी दुकानों पर आवेदन करने वालों की लंबी कतार थी। वहीं जिले की चार दुकान ऐसी रही, जिन पर लोगों का ध्यान ही गया। ऐसे में देसी शराब की चार दुकानों पर एक एक ही आवेदन आया। जिनकी लॉटरी लगना पहले से ही तय हो गया था। बूढ़ानंगला, फैजपुर खादर, नलकूप कॉलोनी और मुकरपुरी मार्ग ज्योतिहिमा पर एक एक ही आवेदन जमा किया गया था।
ई लॉटरी खुलने के बाद सूची चस्पा कर दी गई। कुल 5201 लोगों ने आवेदन किए थेए जिनमें से 339 को ही दुकानों का आवंटन हुआ। ऐसे में आवेदन शुल्क की एवज में मिली फीस से ही आबकारी विभाग को शराब बिकने से पहले ही करोड़ों रुपये की आमदनी हो गई है।