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प्र्रशिक्षण में भेदभाव बरतने पर समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों में असंतोष, बहिष्कार की चेतावनी

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प्र्रशिक्षण कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी
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धामपुर। नहटौर ब्लाक में सरकार की ओर से चल रही ग्रेडेड लर्निंग ट्रेनिंग में प्रशिक्षकों द्वारा शिक्षकों, समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों के बीच बरते जा रहे भेदभाव से समायोजित शिक्षकों, शिक्षामित्रों में असंतोष है। समायोजित शिक्षकों ने बुधवार को इस मामले को लेकर बीआरसी में हंगामा कर दिया। एबीआरसी प्रदीप कुमार के हस्तेक्षप के बाद मामला शांत हुआ। आदर्श समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्र वेलफेयर ऐसो. के जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान का कहना है कि यदि प्रशिक्षकों ने ट्रेनिंग के मामले में शिक्षकों और समायोजित शिक्षकों के बीच में भेदभाव करने का प्रयास किया तो ट्रेनिंग का बहिष्कार होगा।
समायोजित शिक्षकों, शिक्षामित्रों ने बताया कि सरकार की ओर से नहटौर ब्लाक में मंगलवार से शिक्षकों की ग्रेडेड लर्निंग शीर्षक पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। आरोप है कि प्रशिक्षण के मामले में डायट इस्माइलपुर से ट्रेनिंग लेकर आए प्रशिक्षकों द्वारा भेदभाव बरता जा रहा है। जबकि यह ट्रेनिंग प्रत्येक स्कूल के दो-दो शिक्षकों को कराई जानी अनिवार्य है। प्रशिक्षण में बच्चों को खेल-खेल में पुस्तकों के पाठ्यक्रम के आधार पर किस्से कहानी सुनाने के तरीके बताए जा रहे हैं। आरोप है कि मंगलवार को जब बीआरसी से प्राप्त सूचना पर समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र प्रशिक्षण लेने को पहुंचे तो वहां पर प्रशिक्षकों ने सदन में उनके साथ गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया। जिससे समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र आक्रोशित हो गए। इस मामले में बुधवार को ऐसो. के जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान बीआरसी पर पहुंचे और भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार और विभाग के इस प्रकार के आदेश नहीं हैं तो वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र दोनों बेसिक विभाग का अंग हैं। उनके साथ किसी भी हालत में भेदभाव नहीं बरता जा सकता है। यदि किसी ने ऐसा करने का प्रयास किया तो प्रशिक्षण का बहिष्कार होगा।
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भेदभाव करना गलत : बीईओ
बीईओ नहटौर सुभाषचंद का कहना है कि प्रशिक्षण में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र को लेकर कोई भेदभाव नहीं है। यदि कोई ऐसा करने का प्रयास कर रहा है तो गलत है। जांच कर कार्रवाई होगी।
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