बिजनौर। सपा प्रत्याशी नईमुल हसन की जीत गठबंधन नेताओं की एकजुटता से हुई है। चुनाव में मुस्लिमों ने एक तरफा मतदान किया। भाजपा का तीन तलाक का मुद्दा चुनाव में नहीं चल पाया। मुस्लिम महिलाओं ने भाजपा को वोट नहीं दिया।
महागठबंधन के प्रत्याशी नईमुल हसन का चुनाव लड़ाने के लिए गठबंधन में शामिल दलों के नेता पहले से ही लामबंद हो गए थे। इन नेताओं ने चुनाव की पहले से ही तैयारी कर ली थी। सभी ने मिलकर यह योजना बना ली थी कि अवनी सिंह को चुनाव में कैसे परास्त करना है। भाजपा की सभी गतिविधियों पर गठबंधन नेताओं की नजर थी। सभी नेता एकजुट होकर चुनाव में कूद गए। बिरादरी को साधने के लिए नेताओं की अलग से फौज लगा दी गई। इसमे नईमुल हसन को कामयाबी मिली और उनके पक्ष में माहौल बनता चला गया। चुनाव में हालांकि बसपा के साथ गठबंधन था, पर बसपा का कोई नेता नजर नहीं आया। गजब तो यह है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आजम खां जैसे किसी बड़े नेता ने चुनाव में सभा नहीं की। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की ओर से भी दलितों की ओर से कोई संदेश नहीं दिया गया। इसके बाद भी चुनाव में नईमुल हसन मुकाबले में मजबूती के साथ खड़े होते चले गए। मुस्लिमों ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। एकतरफा नईमुल हसन को मतदान किया। चुनाव के दौरान तीन तलाक का मुद्दा भी भाजपा के काम नहीं आया। मुस्लिम महिलाओं ने चुनाव में इस मुद्दे को सिरे से नकार दिया और भाजपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया।
मतगणना के दौरान रहे कड़े सुरक्षा बंदोबस्त
मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। नजीबाबाद मार्ग को पूरी तरह सील किया हुआ था। इस मार्ग से कोई वाहन नहीं जा रहा था। मतगणना स्थल के अंदर डीएम अटल कुमार राय, एसपी उमेश कुमार सिंह अन्य अफसरों के साथ मौजूद रहे। क ई बार उन्होंने मतगणना स्थल पर जाकर व्यवस्थाओं को देखा।
बेटा करता रहा बाहर जाने की जिद
अवनी सिंह का छोटा बेटा मतगणना के दौरान साथ था। बेटा मतगणना में नहीं रुक रहा था और अपनी अवनी को मतगणनास्थल से बाहर जाने के लिए बार बार कह रहा था। अवनी को बेटे की जिद के आगे मतगणना के बीच में ही बाहर जाना पड़ा। उस समय आधी मतगणना हुई थी और अवनी काफी पीछे चल रही थीं। पत्रकारों ने अवनी से जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पति भी आखिरी चरणों में आकर चुनाव जीतते थे, वे भी चुनाव जीत जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
समर्थकों में रही बेचैनी
मतगणना के दौरान अपने प्रत्याशियों को मिले वोट जानने के लिए समर्थकों में बेचैनी रही। मतगणना स्थल से आने जाने वालों से वे वोटों की जानकारी लेते रहे। सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी लाउड स्पीकर से वोटों की जानकारी देते रहे।