डाक सेवकों ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
बिजनौर।
सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवकों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। सोमवार को डाक सेवकों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डाक अधीक्षक को सौंपा।
ग्रामीण डाक सेवक अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक यूनियन से संबद्ध सभी डाक सेवक प्रधान कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि देशभर में करीब दो लाख 70 हजार डाक सेवक हड़ताल पर हैं। केंद्र सरकार दोहरी नीति अपनाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनके मामले को गंभीरता से लेकर विचार नहीं करेगी तब तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। डाककर्मियों के हड़ताल पर रहने से डाकघरों में चिट्ठी और अन्य डिस्पैच होने वाली डाक भारी मात्रा में इकट्ठा हो गई हैं। डाक सेवकों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डाक अधीक्षक एके त्रिपाठी को सौंपा।
धरने पर बैठने वालों में नरेंद्र शर्मा, लक्ष्मीनारायण, श्यामस्वरूप भटनागर, विनोद कुमार, अवधेश कुमार, संजीव शर्मा, साधना शर्मा, विजयपाल सिंह, विनोद शर्मा, अशोक कुमार, बलराम सिंह, अय्यूब अहमद, साधना शर्मा, रेणु, मीना गुप्ता आदि मौजूद रहे।
डाक सेवकों ने डाकघर में डाला ताला
नगीना। ग्रामीण डाक सेवा (जीडीएस) कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों की डाक वितरित न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। सोमवार सुबह 10 बजे नगीना में स्थित मुख्य डाकघर शाखा पर 16 गांव के डाक कर्मचारी इकट्ठा हुए और डाकघर की मुख्य शाखा पर ताला लगा कर हड़ताड़ पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक सातवें वेतन आयोग और कमलेशचंद कमेटी की रिपोर्ट लागू नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान उमेश कुमार, आलोक कुमार, रामगोपाल, राजाराम, सुभाषचंद, लाल बहादुर, रीता रानी, शीतल आदि बैठे रहे।