गैर इरादतन हत्या में मां-बेटे को दस-दस वर्ष का कारावास
बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने गैर इरादतन हत्या के मामले में मां-बेटे को दस-दस वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कस्बा धामपुर के मोहल्ला काहरान निवासी गौरव अग्रवाल की मोहल्ला बंदूकचियान निवासी रवि से रंजिश थी। आठ मार्च 2012 को होली के दिन रवि व उसका भाई सोनू गौरव को गाली देने लगे। गौरव ने गाली देने से मना किया तो रवि और सोनू व उनकी मां राधा ने गौरव अग्रवाल से मारपीट की। गौरव को बचाने जब उसका भाई कृष्ण गोपाल आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इस घटना में गौरव व कृष्ण गोपाल को चोटें आईं। इस घटना की रिपोर्ट गौरव ने राधा व उसके दोनों बेटों रवि व सोनू के नाम दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद गौरव की इलाज के दौरान मेरठ में मृत्यु हो गई। नौ मार्च को गौरव का पोस्टमार्टम हुआ। केस की सुनवाई के दौरान सोनू के नाबालिग होने पर उसका मामला बाल न्यायालय को सुनवाई के लिए भेज दिया गया। शासकीय अधिवक्ता बुलंद अख्तर के अनुसार कोर्ट ने गौरव की मौत को गैर इरादतन हत्या मानते हुए राधा व उसके बेटे रवि को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।