फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाघ की मौत जंगली सुअर के साथ हुए संघर्ष के बाद हुई

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कालागढ़ । कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत जंगली सुअर के साथ हुए संघर्ष के बाद हुई हो सकने का अनुमान लगाया जा रहा है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम कर उसके शव को राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार जला दिया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व में पाखरो रेंज मेें गत दिवस मिले बाघ के शव को पीएम के बाद जला दिया गया। इस बारे में पीएम के पैनल में शामिल पशु चिकित्साधिकारी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार के अनुसार बाघ की मौत को लगभग एक सप्ताह बीत चुका है। उसका शव सड़ गल चुका था। उसके अंगों के सड़ गल जाने के कारण उसकी पहचान तक नहीं हो पाई कि वह बाघ था या बाघिन। उसके शरीर का बिसरा भी नहीं मिल सका। जहां तक उसकी मौत का सवाल है तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसका संघर्ष किसी जीव से हुआ होगा। एक जंगली सुअर का शव भी पड़ा हुआ था। वह भी सड़ गल चुका था। संभवत: दोनो के बीच ही संघर्ष हुआ होगा जिससे उनकी मौत हुई। बाघ की आयु दो वर्ष रही होगी। डीएफओ ए के त्रिपाठी के अनुसार सघन वन होने के कारण उसका पता कई दिनो के बाद चला। घटनास्थल पहाड़ी पर काफी ऊंचाई पर है। वनों में अक्सर वन्यजीवों में संघर्ष हो जाते है। यह वन्य जीवन की एक समृद्ध घटना हैै।
विज्ञापन
विज्ञापन


गश्ती दलों ने ही लगाया पता
उप प्रभागीय वनाधिकारी एलआर नाग के अनुसार वनों मं बाकायदा सतर्कता के साथ गश्त की जा रही है। घटनास्थल काफी दुर्गम क्षेत्र में है। यहां गश्ती दलों के पहुंचने पर इसकी जानकारी मिल सकी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें