बिजनौर। आजादी के बाद से बिजली की रोशनी को तरसे खादर क्षेत्र के गांव रामसहायवाला व हिम्मतपुर बेला अब रोशनी से जमगमाने लगे हैं। भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह के प्रयास से दोनों गांवों के घरों में सौर ऊर्जा से बिजली की रोशनी मिलने लगी है। रामसहायवाला गांव के 90 घरों में सौर ऊर्जा के पैनल लग चुके हैं। हिम्मतपुर बेला के 60 घरों में इन्हें लगाने का काम चल रहा है। गंगा पार बसे इन दोनों गांवों में कभी बिजली की लाइन जा नहीं सकती थी। बिजली की मांग करते-करते गांवों के लोग थक चुके थे।
मंडावर क्षेत्र के गांव रामसहायवाला व हिम्मतपुरबेला गंगा के पार बसे हैं। आजादी के बाद से दोनों गांवों के लोग बिजली के लिए तरस रहे थे। गांव वाले जनप्रतिनिधियों से गांवों में बिजली की व्यवस्था कराने की मांग करते रहे, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। गंगा का इलाका होने के कारण बिजली की लाइन इन गांवों में नहीं खींच सकती थी। भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह इन दोनों गांवों की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ थे। सांसद भारतेंद्र सिंह ने दोनों गांवों में बिजली पहुंचाने का बीड़ा उठाया। पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत गांवों में सौर ऊर्जा के पैनल लगवाने की ठानी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर दोनों गांवों में सौर ऊर्जा के पैनल लगवाने की मंजूरी दिलाई। इसके बाद दोनों गांवों में सोलर ऊर्जा के पैनल लगवाने का काम शुरू हुआ। गांव सहायवाला के 90 घरों में से 80 घरों में तथा हिम्मतपुर बेला के 60 घरों में पैनल लगाने का काम चल रहा है। सौर ऊर्जा से एक घर में 250 वाट की बिजली दी जा रही है। इससे पांच लाइट जलाने के साथ एक पंखा, मोबाइल चार्ज करने की भी व्यवस्था है। रविवार को सांसद भारतेंद्र सिंह ने गांव रामसहायवाला पहुंचकर सौर ऊर्जा से घरों में रोशनी करके इस योजना का शुभारंभ किया। सांसद के मुताबिक घरों में कम बिजली की खपत की एलईडी लाइट लगी हैं और बीएलडीसी फैन लगाए गए हैं। आईआईटी दिल्ली से आए इंजीनियर सिमरन ग्रोवर ने भी सांसद के साथ गांव में पहुंचकर सौर ऊर्जा के लगाए पैनलों को देखा। सांसद भारतेंद्र सिंह का कहना है कि पंडित दीन दयाल योजना से एक घर में सौर ऊर्जा का पैनल लगने पर 20 हजार रुपये का खर्च आया है। यह सारा खर्च योजना के तहत उठाया गया है। गृह स्वामी को इसमें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।
खेती के लिए लगेगा प्लांट
सांसद भारतेंद्र सिंह के मुताबिक गांव हिम्मतपुरबेला व रामसहायवाला में 150 खेती करने वाले किसान हैं। सोमवार को किसानों की जमीन को वह दिखवाएंगे। किसानों को खेती के लिए हाईग्रेड सिस्टम लगवाने का प्लान बनाया गया है। इसमें किसानों की खेती की सिंचाई के साथ बायो गैस प्लांट भी लगेगा। गांव में गोबर व एग्रीकल्चर के वेस्ट पदार्थों से बिजली बनेगी। इस प्लांट पर करीब डेढ-दो करोड़ का खर्च आएगा। इसकी योजना तैयार की जा रही है। यह काम भी पंडित दीन दयाल योजना के तहत किया जाएगा। किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल लगेंगे।
इच्छावाला के घर भी जगमगाएंगे रोशनी से
सांसद भारतेंद्र सिंह के मुताबिक गांव रामसहायवाला व हिम्मतपुरबेला के बाद इच्छावाला गांव के घरों में भी सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इच्छावाला गांव के लोग भी आजादी के बाद से बिजली के लिए तरस रहे हैं। यह गांव भी गंगा के बीच में हैं। हिम्मतपुरबेला में काम पूरा होने के बाद इच्छावाला गांव में सोलर पैनल लगाने का काम शुरू होगा।