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उपमुख्यमंत्री की घोषणा से नगीना के नया जिला बनने की उम्मीद

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उपमुख्यमंत्री की घोषणा से नगीना के नया जिला बनने की उम्मीद
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बिजनौर। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा बिजनौर जिले को दो हिस्सों में बांटने संबंधी बयान से जिले में सियासी पारा बढ़ने लगा है। नया जिला नगीना होने के कयास लगाए जा रहे हैं। नगीना को पहले से ही नया जिला बनाने की मांग चलती आ रही है। जिले के बड़े स्वरूप को कम करने तथा विकास के लिए नगीनावासी नए जिले की मांग करते आ रहे हैं। नगीना अंग्रेजों के समय में जिला रह चुका है।
उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर को विभाजित करने और उत्तराखंड या दिल्ली में शामिल करने की मांग सालों से चली आ रही है। समय-समय पर जिले को दूसरे राज्यों में शामिल करने के संकेत भी मिलते हैं, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। क्षेत्रफल और आबादी दोनों के लिहाज से बिजनौर एक बड़ा जिला है। बिजनौर तीन लोकसभा क्षेत्रों से जुड़ा है। सूबे के 75 जिलों में 80 लोकसभा सीट हैं, जबकि अकेला बिजनौर ही तीन लोकसभा सीटों से जुड़ा है। यहां पर आठ विधानसभा सीट हैं। आबादी और क्षेत्रफल अधिक होने से यहां के राजनेता व सामाजिक संगठन बिजनौर को दो जिलों में बांटने की मांग करते रहे हैं। अब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनसंख्या व क्षेत्रफल के लिहाज से आजमगढ, जौनपुर, आगरा, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, सहारनपुर व झांसी में नए जिलों के गठन पर सहमति जताई है। इसके बाद नगीना को जिला बनाने की मांग के एक बार फिर से जोड़ पकड़ने के आसार बन गए हैं। नगीना को नया जिला बनाने की मांग पहले चलती रही है। अगर उपमुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिले में एक और जिले का सृजन किया जाने लगा तो नए जिले का नाम नगीना हो सकता है।
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बिजनौर में दो लोकसभा सीट हैं बिजनौर और नगीना। बिजनौर लोकसभा सीट में बिजनौर, चांदपुर, मीरापुर, पुरकाजी, हस्तिनापुर तथा नगीना लोकसभा सीट में नगीना, धामपुर, नजीबाबाद, नूरपुर व नहटौर विधानसभा सीट शामिल हैं। इसके अलावा जिले की अफजलगढ़ विधानसभा सीट मुरादाबाद लोकसभा सीट में शामिल है।

बिजनौर एक नजर में
आबादी 36,83,896
क्षेत्रफल 4561 वर्ग किलोमीटर
लोकसभा सीट 2
विधानसभा सीट 8
विकास खंड 11
तहसील 5
जनसंख्या सघनता 808 व्यक्ति प्रति किलोमीटर
आजादी से पहले अंग्रेजों के समय में नगीना ही जिला था। तब बिजनौर जिला नहीं था। अंग्रेजों के समय में 1817 से 1824 तक नगीना जिला था। नगीना के पहले डीएम का नाम एचडी अल्हर था। नगीना को जिला बनाने के लिए जनहित सेवा समिति के बैनर तले 2011 में बड़ा आंदोलन हुआ था। तब नागरिकों ने 30 घंटे तक अनशन भी किया था।

यह है नगीना का हाल
नगीना में आज तक एक भी राजकीय इंटर कॉलेज नहीं हैं। 50 साल पहले खुले तीन एडेड इंटर कॉलेज ही हैं। नगीना में एक भी रहने का होटल नहीं है। नगीना का काष्ठकला उद्योग बहुत विकसित है, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है।
ये होगा फायदा
नगीना जिला बना तो यहां पर नए सरकारी व गैर सरकारी आवास बनेंगे। काष्ठ कला के विकास के लिए काम होगा। अन्य उद्योगों पर भी ध्यान दिया जाएगा। सड़क, बिजली, पानी हर क्षेत्र में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।
वोटरों की संख्या
नगीना विधानसभा 328146
नजीबाबाद 328735
नूरपुर 287351
नहटौर 285669
धामपुर 282032
ये आंकड़े 2017 के विधानसभा चुनाव के हैं।
जनहित सेवा समिति अध्यक्ष शेख इरशाद का कहना है कि वर्तमान सरकार से नगीना को नया जिला बनाने की पूरी उम्मीद है। आज तक नगीना का सही विकास नहीं हुआ है। जिला बनने पर ही नगीना व इससे जुड़े क्षेत्र का विकास होगा। जब नगीना जिला था तो यह तरक्की में आगे था। अब नगीना की गिनती पिछड़े इलाकों में होती है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया के अनुसार बिजनौर प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा जिला है। अगर बिजनौर जिले से एक और जिले का सृजन किया जाता है तो यह अच्छा कदम होगा। इससे विकास के और ज्यादा अवसर मिलेंगे।
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