नजीबाबाद। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग जल्द नहीं चेता तो नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच सीधा संपर्क कट जाएगा। दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सूकरो नदी सड़क पुल की एप्रोच ध्वस्त होने की कगार पर है। दो वर्ष पहले रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के चलते रेल पुल सूकरो नदी की भेंट चढ़ चुका है।
नजीबाबाद-पौड़ी हाईवे 534 पर नजीबाबाद से करीब 20 किलोमीटर दूर सूकरो नदी हाइवे को क्रॉस करती है। सूकरो नदी पर सड़क पुल और रेल पुल बने हैं। सड़क पुल की कोटद्वार छोर पर एप्रोच काफी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। पुल के नीचे से मिट्टी और सीमेंटेड स्लैब खिसक रहे हैं। सड़क पुल से नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच भारी यातायात गुजरता है। भारी यातायात से दिनोंदिन एप्रोच ओर भी कमजोर होती जा रही है।
मानसून काफी नजदीक होने और कभी भी पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश होने के साथ सूकरो नदी में उफान आने की आशंका बनी है। प्रशासन और लोनिवि अधिकारियों ने पुल की सुध लेना गवारा नहीं किया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों वचन सिंह, जगदेव सिंह, शीशा सिंह का कहना है कि नजीबाबाद से बड़ी संख्या में मजदूर कोटद्वार रोजी-रोटी कमाने जाते हैं। इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड की औद्योगिक इकाइयों के बीच रोजाना दर्जनों वाहनों का भी आवागमन होता है।
पुल क्षतिग्रस्त होने से न केवल औद्योगिक इकाइयां प्रभावित होंगी, बल्कि मजदूरों के रोजगार छीनने के आसार बन जाएंगे। गौरतलब है कि दो वर्ष पहले सूकरो नदी में उफान आने से नदी पर बना रेलवे पुल बह गया था। पुल बहने से जहां रेलवे को करोड़ों रुपये की क्षति हुई थी वहीं एक वर्ष से अधिक समय तक ट्रेनें न चलने से राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।